हैदराबाद: तेलंगाना में महिलाओं के लिए यह खुशखबरी है। सरकार की ओर से दी जाने वाली मुफ्त साड़ियों के वितरण का मुहूर्त तय हो गया है। इंदिरा महिला शक्ति योजना के तहत इस महीने की 19 तारीख को हैदराबाद के नेकलेस रोड पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इस कार्यक्रम को औपचारिक रूप से शुरू करने वाले हैं। इसके लिए राज्य सरकार बड़ी तैयारियां कर रही है। कार्यक्रम में मंत्रियों, विधायकों, एमएलसी, सांसदों, अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ राजधानी के आसपास के इलाकों की महिला संघों की सदस्याएं बड़ी संख्या में शामिल होने वाली हैं। 2026 साल के लिए इस योजना के अमल के लिए सरकार ने 334 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। राज्यभर में करीब 95 लाख महिलाओं को साड़ियां बांटने का लक्ष्य रखा है।
इस बार महिलाओं को दी जाने वाली साड़ियों के रंग में भी सरकार ने बदलाव किया है। पहले नीलकंठ (तेलुगु में पालपिट्टा और अंग्रेजी में Indian Rolle) रंग की साड़ियां बांटी गई थी। इस साल लाल रंग की जरी बॉर्डर वाली तोता हरी (तेलुगु में चिलकपच्च) रंग की साड़ियों को चुना है। हथकरघा और वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं को गुणवत्ता पूर्ण साड़ियां देने के मकसद से अप्रैल से ही उत्पादन प्रक्रिया शुरू किया गया। सिरसिल्ला के साथ-साथ राज्य के अन्य 13 केंद्रों में साड़ियों का निर्माण शुरू किया। कुल 95 लाख साड़ियां तैयार करनी हैं, अब तक करीब 65 लाख साड़ियों का उत्पादन पूरा हो गया है। इन्हें पहले से ही अलग-अलग जिलों में भेज दिया है। करीब दो महीने पहले ही आधे से ज्यादा साड़ियां तैयार होने के बावजूद, दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के मौके पर 19 नवंबर को वितरण शुरू करने का सरकार ने फैसला किया है। इस प्रस्ताव को गुरुवार को हुई तेलंगाना मंत्रिमंडल की बैठक ने मंजूरी दी है।
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साड़ियों के वितरण में पारदर्शिता को महत्व देते हुए सरकार ने खास मोबाइल ऐप बनाया है। सफेद राशन कार्ड वाले परिवारों की महिलाओं को एक हफ्ते तक साड़ियां बांटी जाएंगी। इसके लिए बनाए गए वितरण केंद्रों में या तय जगहों पर महिलाओं को अपने आधार कार्ड संबंधित पंचायत अधिकारियों को दिखाने होंगे। अधिकारी ऐप के जरिए लाभार्थियों की फोटो लेंगे और आधार आदि विवरणों की पुष्टि करने के बाद साड़ियां देंगे। एक ही लाभार्थी को दो बार साड़ियां न मिलें तथा पात्र हर महिला को फायदा पहुंचे, इसके लिए यह डिजिटल तरीका लागू करने वाले हैं। वितरण की जिम्मेदारी पंचायती राज, ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ SERP कर्मचारियों को सरकार ने सौंपी है। 95 लाख महिलाओं को तय समय के अंदर साड़ियां पहुंचे और इसके लिए जिलावार तैयारियां कर रहे हैं।
