हैदराबाद : तेलंगाना राजनीति में चर्चा का विषय बने फोन टैपिंग मामले में एक और अहम मोड़ आया। पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक तन्नीरु हरीश राव के खिलाफ सिद्दीपेट वन टाउन पुलिस स्टेशन में नया FIR दर्ज हुआ है। पहले हैदराबाद के पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले को सिद्दिपेट ट्रांसफर करने से पुलिस ने नए क्राइम नंबर से मामला रजिस्टर किया। इतना ही नहीं पुराने FIR में न होने वाली छह धाराएं और जोड़ना इस मामले में अब काफी अहमियत रखता है।
इस मामले के पीछे सिद्दिपेट के गादगोनी चक्रधर गौड़ की शिकायत है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 विधानसभा चुनाव के समय अपने फोन के साथ अपनी पत्नी के फोन को भी अवैध रूप से टैप किया। शिकायत में कहा कि अपने परिवार के लोगों के फोनों पर भी निगरानी रखी है। इस सिलसिले में 1 दिसंबर 2024 को हैदराबाद के पंजागुट्टा पुलिस से संपर्क किया। उनकी शिकायत के आधार पर तब क्राइम नंबर 1205/2024 के तहत पुलिस ने मामला दर्ज किया।
उस समय इस मामले में हरीश राव को A1 और तब के पूर्व DCP राधाकिशन राव को A2 बताया गया। हालांकि यह मामला कानूनी मोड़ भी लेता गया। हरीश राव हाईकोर्ट गए तो वहां FIR को खारिज करते हुए आदेश जारी किये। बाद में चक्रधर गौड़ सुप्रीम कोर्ट गए फिर भी.. हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने समर्थन किया। ताजा इस मामले को पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन से सिद्दीपेट वन टाउन पुलिस स्टेशन ट्रांसफर किया गया। वहां पुलिस ने क्राइम नंबर 496/2026 के साथ नया FIR दर्ज किया।
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जानकारी मिली है कि पुराने मामले में बताई धाराओं के अलावा छह धाराएं जोड़ी गई हैं। उनमें IPC 419, 420, 467, 406 धाराओं के साथ IT एक्ट के तहत 66C, 66D धाराएं हैं। ये धाराएं निजी पहचान का दुरुपयोग करना, धोखा, जालसाजी, विश्वासघात, कंप्यूटर संबंधित पहचान दुरुपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े पहलुओं को शामिल करती हैं। नए FIR में भी तन्नीरु हरीश राव का नाम A1, पूर्व DCP राधाकिशन राव का नाम A2 है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि इनके साथ कुछ और लोगों के नाम भी आरोपियों की लिस्ट में हैं।
इस समय यह फोन टैपिंग मामला अब सिद्दीपेट ट्रांसफर होना और नए क्राइम नंबर से FIR दर्ज करना और अतिरिक्त धाराएं जोड़ना तेलंगाना राजनीति में तेज चर्चा का कारण बन गया है। खास तौर पर हरीश राव का नाम A1 होने से BRS खेमे में इस घटनाक्रम पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। अब इस मामले में आगे पुलिस की कार्रवाई कैसी होगी यह अहम मुद्दा बन गया है। शिकायत में बताये गये आरोपों से जुड़े कैसे सबूत मिलते हैं.. किन-किन को पूछताछ के लिए बुलाते हैं.. कानूनी रूप से यह मामला कैसे मोड़ लेता है इन पहलुओं पर लोगों में उत्सुकता बनी है।
