हैदराबाद : हैदराबाद मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव गंभीर तूफान में बदलने की संभावना है। रविवार दोपहर तक यह निम्न दबाव गंभीर तूफान के रूप में मजबूत होने की संभावना है। मौसम विभाग अंदाजा है कि 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश में नेल्लूर और नरसापुरम के बीच तट को पार करने की संभावना है। उसके बाद तूफान का असर तेलंगाना पर भी पड़ने की संभावना है। इस साल बंगाल की खाड़ी में बना दूसरा तूफान के रूप में इसे पहचाना गया है। इसका नाम मुरसु रखा गया है। तमिल में मुरसु का मतलब ढोल है।
अधिकारियों ने बताया कि तूफान के असर से तेलंगाना में बारिश होने की संभावना है। 1 से 4 नवंबर तक राज्य के कई जिलों में बारिश होगी। खास तौर पर दक्षिण तेलंगाना जिलों पर तूफान का असर ज्यादा हो सकता है। महबूबनगर, नागरकर्नूल, वनपर्ती, नारायणपेट, जोगुलाम्बा गदवाल जिलों में भारी बारिश होने के संकेत हैं।
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तूफान तट पार करने के समय हवाओं की गति, बारिश की तीव्रता में बदलाव होने की संभावना होने से लोग मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान दें। खास तौर पर निचले इलाकों के लोग सतर्क रहें कहा। भारी बारिश वाले इलाकों में सड़कों पर पानी भरने की संभावना होने से सफर के मामले में सावधानी बरतें। किसानों को भी फसल की स्थिति के हिसाब से कटाई के लिए तैयार धान और दूसरे कृषि उत्पादों को भीगने से बचा कर सुरक्षित रखना बेहतर है। तूफान का असर तेलंगाना तक फैले तो खेती, यातायात और आम जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है। इस पृष्ठभूमि में जिला प्रशासन सतर्क रहे और आम लोग पहले से सावधानी बरतें उत्तम होगा।
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गौरतलब है कि हाल ही में अर्नब तूफान ने एपी को हिला दिया था। तूफान के कारण कई लोगों ने जान गंवाई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ। तेलंगाना के कई जिलों में भी अर्नब तूफान के कारण बारिश हुई। अब ताजा मुरसु तूफान के रूप में एपी को एक और खतरा बनकर आ रहा है।
