हैदराबाद: ऐसी खबरें चक्कर काट रहे हैं कि दिसंबर महीने में खैरताबाद उपचुनाव कराने पर केंद्रीय चुनाव आयोग विचार कर रहा है। इसके लिए जरूरी शेड्यूल नवंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में जारी होने की संभावना है। गौरतलब है कि पार्टी बदलने के कारण दानम नागेंदर पर अयोग्यता का फैसला देते हुए हाईकोर्ट के फैसले का समर्थन करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी महीने 24 तारीख को जजमेंट दिया था। उस फैसले के आधार पर हाल ही में खैरताबाद सीट खाली होने का असेंबली सेक्रेटरी ने गजट जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दो दिन के अंदर ही ईसी ने जजमेंट पर जानकारी ली है। उस सीट पर जल्द से जल्द चुनाव कराने के पक्ष में चुनाव आयोग है।
खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र खाली होने का असेंबली सेक्रेटरी द्वारा जारी गजट राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजा है। इससे तुरंत उस सीट पर उपचुनाव कराने का मौका नहीं है। क्योंकि राज्य में समग्र वोटर लिस्ट संशोधन ‘एसआईआर’ -2026 चल रहा है। नोटिस पाए वोटरों से आई आपत्तियों को अधिकारी तुरंत क्लियर कर रहे हैं। 5 नवंबर तक बीएलओ के पास आई सभी आपत्तियों को क्लियर करेंगे। 9 नवंबर को अंतिम वोटर लिस्ट घोषित करेंगे। इससे एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उसके बाद खैरताबाद उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग शेड्यूल जारी कर सकता है। शेड्यूल जारी करने के 40 दिन के अंदर चुनाव कराने की संभावना रहती है। इससे दिसंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी।
विधानसभा सदस्यों के निधन या इस्तीफा देने से उपचुनाव आते हैं। वह सीट खाली होने के 6 महीने के अंदर चुनाव कराने का नियम संविधान में है। लेकिन खैरताबाद असेंबली सीट खाली होने का हाईकोर्ट ने इस महीने फैसला दिया है। कहा गया है कि उस फैसले में दानम नागेंदर पर अयोग्यता लगाते हुए 23 अप्रैल 2024 (बीआरएस विधायक रहते कांग्रेस के बी-फॉर्म पर नामांकन दाखिल करने के दिन से) से खाली होने के तौर पर गिना जाए। इससे खैरताबाद सीट को विशेष केस के तौर पर केंद्रीय चुनाव आयोग विचार में लेकर, जल्द से जल्द चुनाव कराने की सोच में ईसी है। एक सीनियर आईएएस अधिकारी ने बताया- ‘राज्य में एसआईआर प्रक्रिया न होती तो ईसी तुरंत चुनाव करा देता। फिलहाल वोटर लिस्ट नहीं है। 9 नवंबर को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित करेंगे। फाइनल लिस्ट प्रकाशित होते ही खैरताबाद उपचुनाव का शेड्यूल आ सकता है’।
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यदि ऐसा संभव न हो सका तो पांच राज्यों के साथ ही औरएसआईआर प्रक्रिया पूरी होते ही खैरताबाद बायपोल के लिए चुनाव शेड्यूल आने की संभावना है। अगर कोई दिक्कत आई तो 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ होंगे। अगले साल फरवरी में गोवा, उत्तराखंड, पंजाब, मार्च में मणिपुर, उत्तर प्रदेश राज्यों की असेंबली के लिए चुनाव हैं। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव कराने पर राजनीतिक पार्टियों को आपत्ति नहीं हो सकती। सत्ताधारी पार्टी भी खैरताबाद उपचुनाव के बाद कोर एरिया में म्युनिसिपल चुनावों में जाना चाहती है।

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