हैदराबाद : आर्य समाज महर्षि दयानंद मार्ग, सुल्तान बाजार में आयोजित श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह के चौथे दिन प्रातः एवं सायंकाल के सत्रों में धार्मिक, वैदिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न हुए। यज्ञ माता निर्मला योग भारती के ब्रह्मत्व में डॉ. मैत्रेयी शास्त्री, श्रीमती स्फूर्ति एवं आचार्य मिथिलेश शास्त्री के ऋत्विकत्व में वैदिक यज्ञ संपन्न कराया गया। यज्ञ के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं ने वैदिक संस्कारों एवं यज्ञ की महत्ता को समझा।
इसके पश्चात दिल्ली के एनसीआर से पधारे प्रसिद्ध वेद विद्वान डॉ. जयेंद्र कुमार शास्त्री ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में वेदों के संदेश, ईश्वर के स्वरूप तथा जीवन में वैदिक विचारों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘ओ३म्’ के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि ओ३म् परमात्मा का सर्वोत्तम वैदिक नाम है और इसका चिंतन मनुष्य को सत्य, शांति तथा सदाचार की ओर प्रेरित करता है।

दोनों सत्रों में पंडित भूपेंद्र आर्य ने ओ३म् तथा वैदिक जीवन-दर्शन पर मधुर भजनों एवं प्रभावशाली उपदेश के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। उनके साथ कृष्ण पाल शर्मा ने संगीत की सुंदर संगति प्रदान की। दोनों ने “सबसे प्यारा ओ३म् हमारा” जैसे मधुर भजन की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

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इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर वैदिक ज्ञान, यज्ञ, भजन एवं उपदेश का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वेदों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वैदिक संस्कृति, संस्कार और सदाचार को जन-जन तक पहुँचाना रहा। आपको बता दें कि श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह के आयोजन से आर्य समाज सुल्तान बाजार में निरंतर वैदिक ज्ञान, यज्ञ और आध्यात्मिक चिंतन से जारी है।



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