हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में चंद्रबाबू नायुडू की सरकार द्वारा प्रतिष्ठित तरीके से बनाए गए अल्लूरी सीतारामाराजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन शनिवार (1 अगस्त) को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों हुआ। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण लगभग 4,727 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। खास बात यह है कि इसे सिर्फ 31 महीनों में पूरा कर लिया गया। तय समय से 5 महीने पहले ही निर्माण कार्य पूरा हुआ।
अब जानते हैं भोगापुरम एयरपोर्ट की खासियतें
भोगापुरम एयरपोर्ट लगभग 2,703 एकड़ क्षेत्र में बना है। सरकार ने एयरपोर्ट के लिए 2,203 एकड़, एविएशन हब के लिए 500 एकड़ और एविएशन यूनिवर्सिटी के लिए 136 एकड़ जमीन आवंटित की है। 3,800 मीटर लंबा कोड-E रनवे भोगापुरम एयरपोर्ट का खास आकर्षण है। इस रनवे पर बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, एयरबस A330 जैसे बड़े विमान आसानी से लैंड कर सकेंगे।

हर साल 60 लाख यात्री
देश के सबसे तेजी से बने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में भोगापुरम भी शामिल है। इस एयरपोर्ट का निर्माण GMR ग्रुप की सहयोगी कंपनी GMR विशाखापट्टनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने PPP मॉडल में किया है। पहले ही इस एयरपोर्ट को हर साल 60 लाख यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है। भविष्य में इसे 4 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक बढ़ाने का लक्ष्य सरकार ने रखा है।

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यात्रियों को डिजिटल एक्सपीरियंस
यात्रियों के लिए एयरपोर्ट टर्मिनल में अत्याधुनिक डिजिटल एक्सपीरियंस दिया जाएगा। फ्लाइट में चढ़ने से लेकर लैंड होने के बाद एग्जिट तक यात्रियों की यात्रा को आधुनिक तकनीक से तेज बनाया जाएगा। इसके लिए कॉन्टैक्ट बोर्डिंग ब्रिज, सर्विलांस और सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीक लगाई गई है।
सबसे बड़ा कार्गो हब
राज्य में निर्यात क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट में 25,000 मीट्रिक टन क्षमता वाला कार्गो टर्मिनल तैयार किया गया है। इसके जरिए समुद्री उत्पाद, फार्मा और जल्दी खराब होने वाले सामान के लिए कोल्ड चेन सुविधा भी दी गई है। विशाखा एयरपोर्ट और मुख्य औद्योगिक कॉरिडोर से कनेक्टिविटी के कारण भोगापुरम एयरपोर्ट पूर्वी तट का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनने जा रहा है।
