हैदराबाद: तेलंगाना क पेद्दापल्ली जिले के रामगुंडम मंडल के अड्रियाल स्थित सिंगरेनी लॉन्ग वॉल प्रोजेक्ट में तीन दिन पहले हुए दुर्घटना अंत दुखद हुआ। मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ है। बचाव दल ने आधी रात को तीन शव बरामद किए।
इनमें वेंकटेश, नरेश और वीरय्या को उसी दिन बचाया गया, जबकि रविंदर को 26 घंटे बाद बचाव दल ने बचाया। अन्य तीनों में सहायक प्रबंधक तेजावत चैतन्य तेजा, ठेका कर्मचारी तोटा श्रीकांत और सुरक्षा अधिकारी जयराज के शव बरामद किये गये। सहायक प्रबंधक चैतन्य तेजा, सुरक्षा अधिकारी जयराज और ठेका कर्मचारी तोटा श्रीकांत के निर्जीव पाये गये। मलबे में दबकर तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए गोदावरीखानी के सिंगरेनी एरिया अस्पताल में भेज दिया गया।

कर्मचारियों ने बताया कि एरिया सुरक्षा अधिकारी जयराज ने खान का छत गिरने की आशंका को जानकर तीन श्रमिकों को बचाया। मगर वह खुद मौत के जाल में फंस गया। जयराजू और चैतन्य तेजा ने शवों का पोस्टमार्टम किया और शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि ठेका कर्मचारी श्रीकांत का शव आज सुबह मिला है। पोस्टमार्टम के लिए सिंगरेनी अस्पताल ले भेज दिया।
संबंधित खबर :
तेलंगाना : सिंगरेनी कोयला खदान में बड़ा हादसा, चार कर्मचारियों की मौत और…
दो दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में गोदावरीखानी और मंदामर्री एरिया के लगभग 70 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मंत्री कोप्पुला ईश्वर, सांसद वेंकटेश, सिंगरेनी निदेशक बलराम और चंद्रशेखर ने घटनास्थल का दौरा किया और जानकारी ली। हादसे के बारे में पूछताछ की। रेस्क्यू टीम ने शवों को अस्पताल भेज दिया। इसके चलते मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे।
ठेका कर्मी श्रीकांत के साथ न्याय की मांग करते हुए परिजनों व यूनियन नेता आंदोलन पर उतर आये। उन्होंने एक करोड़ रुपये हर्जाना और परिवार में से एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। गौरतलब है कि आपको बता दें कि पेद्दापल्ली जिले के रामागुंडम एरिया 3 डिवीजन में एड्रियाला लॉन्ग वॉल प्रोजेक्ट में सोमवार को खदान की छत गिरने से सात कर्मचारी मलबे में फंस गये थे।
