[नोट- यह अच्छी बात है कि दुनिया को हिलाकर रख देने वाला अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म हो गया है। हालांकि, जब तक इजरायल इस धरती पर है और रहेगा तब तक इस युद्ध को समाप्त नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि इजरायल अब भी अमेरिका और ईरान के समझौते को नहीं मान रहा है। यह सभी जानते है कि अमेरिका के इशारे पर इजरायल ने ईरान पर पहला हमला किया। इस हमले में ईरान के ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिजन की दर्दनाक मौत हो गई। अब भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ। इसके बाद इन तीन देशों के एक दूसरों पर किये गये हमलों में हजारों लोग मारे गये और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ। इस युद्ध के कारण पूरी दुनिया के लोगों को भारी मूल्य चुकाना पड़ा और अब भी चुका रहे हैं। तेलंगाना समाचार का मानना है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक खून का प्यासा वाला नेता है। अब तक इस देश ने लाखों लोगों को मौत के घाट उतारा है। केवल 1.01 करोड़ वाला यह देश है। यहां की आबादी में लगभग 74 फीसदी यहूदी, 21 फीसदी अरब (मुस्लिम और ईसाई) और अन्य अल्पसंख्यक रहते हैं। इतने छोटे से देश के पास पूरी दुनिया का राज कैद है और नेता इसके निशाने पर है। अपना काम करते हुए दुश्मनों को मौत के घाट उतारना इसकी खूबी है। ईरान के नेताओं को चुन-चुन कर मौत के घाट उतारना ताजा उदाहरण है। इस समय ऐसी स्थिति है कि बिना इजरायल के सहयोग से कोई भी देश कुछ नहीं कर सकता अर्थात पुरी दुनिया इजरायल के मुट्ठी में है। इसीलिए दुनिया को इजरायल से सावधान रहना या उसे सबक सिखाना जरूरी है। वर्ना इस तरह खून खराबा होता ही रहेगा।]
हैदराबाद: दुनिया को हिलाकर रख देने वाला अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म हो गया है। तेल की कमी से विश्व अर्थव्यवस्था को हिला देने वाले युद्ध पर आखिरकार विराम लग गया है। शांति समझौते पर अमेरिका और ईरान ने हस्ताक्षर किए हैं। पेरिस में दोनों देशों के राष्ट्रपति ट्रंप और मसूद पेज़ेश्कियान ने हस्ताक्षर किए। इस संबंध में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि पीस डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं।

अमेरिका ने समझौते के 14 बिंदुओं को जारी किया है। लेबनान को शांति समझौते का हिस्सा बनाया गया है। लेबनान के साथ-साथ सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है। अब दुनिया को अस्त-व्यस्त करने वाली तेल आपूर्ति में रुकावट दूर होगी। 30 दिनों के भीतर हर्मुज़ की नाकेबंदी पूरी तरह हटाने पर समझौता हुआ है। ईरान ने घोषणा की है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

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फ्रांस की मेजबानी में शांति समझौता हुआ। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने पीस डील पर हस्ताक्षर किए। घोषणा की गई कि समझौते के दस्तावेजों पर ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने भी हस्ताक्षर किए हैं।




