हैदराबाद : साहित्य सेवा समिति की 140वीं मासिक गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में संचालित किया गया। दोनों सत्रों में चर्चा व काव्य गोष्ठी में समिति के अध्यक्ष डॉ दया कृष्ण गोयल तथा महामंत्री ममता कुमारी जायसवाल की सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का प्रारंभ नीमा रवि के द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना द्वारा किया गया। डॉ दया कृष्णा गोयल के स्वागत भाषण के तदुपरांत सरिता दीक्षित ने प्रस्तावित विषय “हिंदी साहित्य में देवी आराधना” पर अपने सारगर्भित उद्गारों को विविध उदाहरण द्वारा सफल संप्रेषित किया। इस विषय को गहन गंभीरता की ओर मोड़ते हुए प्रस्तुत विषय के प्रमुख प्रवक्ता बी. एल. आच्छा ने समसामयिक जीवन व वैश्विक धरातल तथा अद्यतन व नवीन साहित्य को आधार बनाते हुए विषय का विहंगम अवलोकन किया।

सभी पाठक गण दोनों वक्ताओं के प्रमुख बिंदु यथा हिंदी साहित्य में देवी आराधना मात्र दैवीय पहचान नहीं है। वरन यह सांस्कृतिक, सामाजिक, भौगोलिक, धरातलीय मानवीय जीवन से जुड़ी हुई सजग व सक्रिय भावना है। इस विचार भाव से भाव प्रोत हुए तथा इसी क्रम में अपने विचारों को प्रस्तुत करते हुए ज्योति नारायण, सुनीता लुल्ला दर्शन सिंह, ममता जायसवाल ने वक्ताओं के वक्त तत्व पर अपने विचारों से विचार सहमति प्रस्तुत की।
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प्रथम सत्र की संचालन के साथ-साथ द्वितीय सत्र के संचालक को जारी रखते हुए ममता जायसवाल ने काव्य गोष्ठी में गणमान्य कवियों को अपनी स्वरचित रचना सहित आमंत्रित किया। कवियों ने अपनी प्रतिनिधि कविताओं, गजल, गीत को प्रस्तुत किया। काव्य गोष्ठी में विनोद गिरि अनोखा, बैजनाथ सुनहरे, उमेश चंद यादव, सरिता दीक्षित, ज्योति नारायण, दर्शन सिंह, श्रुतिकांत भारती, सीमा जख्वाल दामिनी, सुनीता लुल्ला, ममता जायसवाल, डॉ दया कृष्ण गोयल ने काव्य पाठ किया।
