डीलिमिटेशन पर झुकने को तैयार नहीं तमिलनाडु सरकार, निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के खिलाफ प्रस्ताव

चेन्नई: निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन (डीलिमिटेशन) को लेकर मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित डीलिमिटेशन के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने का सरकार ने निर्णय लिया है। यह निर्णय 8 अगस्त को सीएम विजय की अध्यक्षता में हुई तमिलनाडु के सांसदों की सर्वदलीय बैठक में लिया गया।

महिला आरक्षण बिल से जोड़ते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित डीलिमिटेशन प्रक्रिया पर चर्चा के लिए सीएम विजय ने 8 अगस्त को राज्य के सांसदों के साथ सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक का मुख्य विपक्षी दल DMK, AIADMK, PMK, MDMK ने बहिष्कार किया। सत्ताधारी TVK गठबंधन से सिर्फ कांग्रेस, VCK, CPI, CPI(M), MDMK, IUML पार्टी के प्रतिनिधि ही इस बैठक में शामिल हुए। लोकसभा और राज्यसभा में राज्य के कुल 57 सांसदों में से 37 सांसद इस बैठक से गैरहाजिर रहे।

Also Read-

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अगले 40 से 50 सालों तक जनप्रतिनिधियों की सीटों में कोई बदलाव नहीं किया जाए और लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या को वैसे ही जारी रखा जाए। मांग की गई कि केंद्र सरकार अगर डीलिमिटेशन प्रक्रिया शुरू करती है तो उसे 1971 की जनगणना के आधार पर ही करना चाहिए। नेताओं ने चिंता जताई कि जनसंख्या नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू करने वाले तमिलनाडु जैसे प्रगतिशील राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व कम करना अन्यायपूर्ण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

Archives

Categories

Meta

'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

X