KBR पार्क के चारों ओर स्थायी रूप से वन-वे, इस नई योजना से 400 करोड़ रुपये की बचत, अब वहां-से-यहां तक स्टील फ्लाईओवर

हैदराबाद : महानगर में सबसे ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में से एक केबीआर पार्क के पास ट्रैफिक खत्म करने के लिए ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) अहम कदम उठा रहा है। केबीआर पार्क के चारों तरफ ट्रैफिक समस्या का समाधान निकालने के लिए जीएचएमसी ने अहम फैसला लिया है।

यह सब जानते ही है कि इस पार्क के आसपास फिलहाल लागू वन-वे सिस्टम को स्थायी रूप से जारी रखने का अहम फैसला लिया है। इस सिस्टम से ट्रैफिक भीड़ कम होने के बाद पहले प्रस्तावित भारी फ्लाईओवर और अंडरपास की योजना पर अधिकारियों ने फिर से विचार किया। जीएचएमसी कमिश्नर आरवी कर्णन ने हाल ही में बताया कि नई योजना से सरकार को करीब 400 करोड़ रुपये बचने की संभावना है।

जीएचएमसी कमिश्नर आरवी कर्णन ने बताया कि केबीआर पार्क के चारों तरफ सिंगल वे और फ्री लेफ्ट सिस्टम लागू करने से अच्छे नतीजे मिले हैं। इससे इस सिस्टम को अस्थायी प्रयोग के तौर पर नहीं बल्कि स्थायी रूप से जारी रखने का फैसला किया है। ट्रैफिक भीड़ कम करने के लिए जरूरत वाली जगह पर ही फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने के लिए योजना में बदलाव कर रहे हैं।

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पहले केबीआर पार्क के आसपास ट्रैफिक समस्या सुलझाने के लिए 7 स्टील ब्रिज और 7 अंडरपास बनाने के प्रस्ताव तैयार किए थे। अनुमान लगाया था कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 1,090 करोड़ रुपये खर्च होगा । हालांकि वन-वे सिस्टम लागू होने से स्थिति में बदलाव आने से पुरानी योजना रद्द करके नए विकल्पों पर ध्यान दिया गया।

नए प्रस्ताव के तहत बंजारा हिल्स में मुफखम जा कॉलेज से जुबली हिल्स चेकपोस्ट तक करीब चार किलोमीटर तक 6 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का अधिकारियों ने सोचा है। अनुमान लगा रहे हैं कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 751 करोड़ रुपये खर्च होगा। अधिकारी कह रहे हैं कि पुरानी योजना की तुलना में नए प्रस्ताव में खर्च कम होने के साथ जमीन अधिग्रहण का खर्च भी काफी कम होने की संभावना है।

अनुमान लगाया था कि पुरानी योजना में जमीन अधिग्रहण के लिए ही करीब 1,040 करोड़ रुपये तक खर्च होगा, जबकि नए प्रस्ताव में यह खर्च 300 करोड़ के अंदर ही हो सकता है। पहले से पार्क हयात, केबीआर पार्क मेन गेट के पास बनाए गए पिलर्स को नए एलिवेटेड कॉरिडोर में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। पुराने कामों में बनाए गए निर्माणों को जहां तक हो सके फिर से इस्तेमाल करके खर्च कम करना अधिकारियों की मंशा दिख रही है।

पुरानी योजना के तहत अग्रसेन महाराज जंक्शन पर अंडरपास बनाने के लिए खोदे गए 2 बड़े गड्ढों को फिलहाल भर रहे हैं। ट्रैक्टरों और ट्रकों से मिट्टी लाकर गड्ढों को भर रहे हैं। उसके बाद उस इलाके को सड़क के समानांतर विकसित करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि दूसरी जगहों पर अंडरपास के लिए खोदे गए गड्ढों को भी चरणबद्ध तरीके से भरने के कदम उठा रहे हैं।

जीएचएमसी कमिश्नर आरवी कर्णन ने बताया कि जुबली चेकपोस्ट से नागार्जुन सर्किल तक स्टील फ्लाईओवर का निर्माण कर रहे हैं। साफ किया कि इन कामों को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कुछ कोर्ट केसों की वजह से भी प्रोजेक्ट की योजना में बदलाव करना पड़ा है। कुल मिलाकर केबीआर पार्क के आसपास ट्रैफिक नियंत्रण के लिए वन-वे सिस्टम जारी रखते हुए जरूरत वाली जगह पर एलिवेटेड कॉरिडोर, फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण करने का जीएचएमसी सोच रहा है। हालांकि नई योजना से जुड़ी अंतिम रूपरेखा, निर्माणों का लागू होना और पूरा होने की समय सीमा जैसे विवरण आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर और साफ होने बाकी हैं।

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