हैदराबाद: जल्द ही बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) होने वाले दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस सूर्य कांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को नहीं बुलाने के लिए NLSIU के छात्रों ने प्रबंधन को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि यह फैसला उन्होंने नल्सार यूनिवर्सिटी (हैदराबाद) के छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लिया है।

इस दौरान उन्होंने बीसीआई चेयरमैन मनन के रवैये की आलोचना भी की। छात्रों ने कहा कि यह देश में शक्तिशाली संस्थाओं से असहमत होने की आजादी से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आगे कहा कि अपने पेशेवर जीवन को लेकर डर के बिना अधिकारियों से असहमत होने की आजादी होनी चाहिए। इसी क्रम में नल्सार के छात्रों ने उनकी तारीफ की कहा कि प्रेरणादायक साहस और नैतिक प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने कहा कि हम बिना शर्त उनके साथ एकजुटता जताते हैं।

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गौरतलब है कि नल्सार यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने पर वहां के छात्रों द्वारा आपत्ति जताना पहले ही हंगामा खड़ा कर चुका है। इसी क्रम में बीसीआई ने राज्य बार काउंसिलों को पत्र लिखकर कहा था कि चीफ जस्टिस के निमंत्रण पर आपत्ति जताने वाले छात्रों को वकील के रूप में नामांकित न किया जाए। इस पर तीखी आलोचना होने के बाद बीसीआई ने तुरंत अपना फैसला वापस ले लिया। साथ ही मिश्रा ने नल्सार के छात्रों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंता और उनकी स्वतंत्र सोच का सम्मान किया जाना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में अब NLSIU के छात्रों का पत्र लिखना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
