हैदराबाद : 1947 में आजादी मिलने के समय के रोजमर्रा की चीजों की कीमतों और अब की कीमतों में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। उस समय 10 ग्राम सोने की कीमत 88 रुपये थी (1 ग्राम सिर्फ 88 पैसे), वहीं अब यह बढ़कर 1.55 रुपये लाख तक पहुंच गई है, जिससे महंगाई की तीव्रता का पता चलता है।

इसी तरह 1 लीटर दूध 12 पैसे से बढ़कर 68 रुपये हो गया है। 1 किलो चावल 12 पैसे का था, अब 60 रुपये है। 1 लीटर पेट्रोल 27 पैसे था, अब 115 रुपये है। इस तरह कीमतें बढ़ने से आम आदमी पर बोझ बढ़ता ही जा रहा है।
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साल 1947 में भारत की स्वतंत्रता के समय केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 55 रुपये प्रति माह था, जबकि वरिष्ठतम या उच्च श्रेणी के अधिकारियों का वेतन लगभग 2,000 रुपये प्रति माह तक था। यह पहले केंद्रीय वेतन आयोग (First Pay Commission) की मई 1947 की रिपोर्ट के आधार पर तय किया गया था।
