हैदराबाद : बंगाल की खाड़ी में आये अर्नब तूफान ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में भारी तबाही मचा दी। छह महीने मेहनत करके उगाई गई फसल हाथ में आने के समय जलसमाधि हो जाने से किसान आंसू बहा रहे हैं। इस आपदा की स्थिति का आकलन करने के लिए सीएम नारा चंद्रबाबू नायडू सीधे मैदान में उतरे हैं। गुरुवार को अमरावती से विशेष हेलिकॉप्टर में निकले उन्होंने कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और कोनसीमा जिलों में तूफान ने मचाई तबाही का एरियल व्यू से जायजा लिया। अमरावती से शुरू होकर डॉक्टर बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिला काट्रेनिकोना मंडल चेय्येरू तक सीएम ने एरियल जायजा लिया।
जहां देखो वहां पानी में डूबे खेत ही खेत
निम्मकुरु, पामर्रु, बंटुमिल्ली, नरसापुरम, पालकोल्लू और अमलापुरम के ऊपर से सीएम का हेलिकॉप्टर जा रहा था तब जहां तक नजर गई पानी में डूबे खेत ही दिखाई दिये। खासकर डेल्टा इलाकों में धान के खेत पूरे कीचड़ में बदल गए। तेज हवाओं से जमीन पर गिरी केले की बाग, सीधे टूटकर गिरे नारियल के पेड़, बाढ़ के पानी में एक हो गए।
पीड़ित किसानों से सीएम की बात
नुकसान का आकलन करने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ित किसानों से भी बात की। सीएम के सामने किसानों ने दुख जताया कि कटाई के समय तूफान से बहुत नुकसान हुआ और पैदावार गिर जाएगी। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि इस पर सरकार आपके साथ है और कोई हिम्मत मत हारो। वैसे ही अधिकारियों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों पर पूछताछ की। सीएम ने आदेश दिया कि पूरा सरकारी अमला फील्ड में ही रहकर तुरंत राहत कार्य तेज करे और फसल नुकसान के आंकड़े पारदर्शी तरीके से दर्ज करे।
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केंद्र की मदद
तूफान के कारण नुकसान झेल रहे एपी को केंद्र सरकार मदद करेगी। पहले ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एपी के साथ ओडिशा, छत्तीसगढ़, पांडिचेरी के सीएम से बात की। तूफान के नुकसान पर समीक्षा की। उन्होंने वादा कि नुकसान की गंभीरता आंकने के लिए केंद्रीय टीम भेजेंगे और केंद्र से मदद सहयोग देंगे।
