हैदराबाद/जिबूती (अफ्रीका) : समुद्र में भीषण हादसा हुआ। प्रवासियों को ले जा रही नाव पलटने से 139 लोगों की जान चली गई। 116 अन्य लापता हैं। इस हादसे से 80 से ज्यादा लोग जिंदा बच गए। पूर्वी अफ्रीका के जिबूती से यमन जा रही नाव में करीब 305 लोग सफर कर रहे थे, तब यह हादसा हुआ। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने रविवार को बताए विवरण इस दुखद घटना की गंभीरता को बता रहे हैं।
IOM के बताए अनुसार, जिबूती के ओबाक बंदरगाह शहर के उत्तर में गुहेरे इलाके के पास यह हादसा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि जिंदा बचे लोगों ने बताया कि 8 – 9 अक्टूबर के बीच रात के समय नाव समुद्र में पलट गई। अनुमान है कि हादसे के समय नाव में कुल करीब 305 लोग थे। इस हादसे में अब तक 139 लोगों की मौत हो गई, जबकि 116 अन्य लापता हैं। 80 से ज्यादा जिंदा बच गए। मृतकों में 15 बच्चे भी हैं। लापता लोगों के लिए स्थानीय अधिकारी तलाशी और राहत कार्य जारी रखे हुए हैं। IOM ने बताया कि हादसे से बचे सभी लोग इथियोपिया देश के ही हैं। हालांकि लापता लोगों में कोई जिंदा बचने की संभावना है? क्या उनका पता कब मिलेगा? इस बारे में अभी स्पष्टता आनी बाकी है।

अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र से खाड़ी देशों में जाना चाहने वाले प्रवासी जिबूती होकर यमन की यात्रा करते हैं। रोजगार के अवसर और बेहतर जीवन स्थितियों के लिए हजारों लोग इस समुद्री मार्ग को चुनते हैं। हालांकि, यह यात्रा बेहद खतरनाक मानी गई है। जिबूती और यमन के बीच बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरते समय प्रवासियों को कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है। सही सुरक्षा व्यवस्था न होने वाली नावों में ज्यादा संख्या में सफर करना जान के लिए खतरा बन रहा है। हाल ही में हुआ नाव हादसा इस मार्ग में प्रवासियों के सामने आने वाले खतरों को फिर से उजागर करता है।
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हादसे में लापता 116 लोगों के लिए तलाशी जारी है। मृतकों की संख्या पहले ही 139 तक पहुंचने से पीड़ित परिवारों में शोक छाया है। हादसे की असली वजह क्या है, इस पर तुरंत स्पष्टता नहीं आई। हालांकि शक किया जा रहा है कि सीमा से ज्यादा यात्री उसमें सफर करने से ही वह पलटी। नाव पलटने के पीछे की परिस्थितियों पर और विवरण सामने आना बाकी है। प्रवासियों की सुरक्षा पर IOM ने फिर से गंभीर चिंता जताई है। बेहतर रोजगार और सुरक्षा के लिए देश पार करके जाने की कोशिश में लोगों का जान गंवाना दुखद है एक ही नाव में सफर करने वाले सैकड़ों लोगों में पहले ही 139 लोगों की मौत हो गई, 116 अन्य का पता न चलना चिंता पैदा कर रहा है। राहत कार्य पूरे होने तक लापता लोगों की स्थिति पर बेचैनी बनी रहेगी।
