एलबीनगर के दंपति को संतान नहीं थी। पत्नी को गर्भ धारण करने की संभावना नहीं होने से कई फर्टिलिटी सेंटर घूमे। इसी क्रम में उनसे एक ब्रोकर मिला। बंजारा हिल्स इलाके के एक पीजी हॉस्टल में रह रही युवती के साथ डील सेट की। पति के स्पर्म से बच्चे को जन्म देकर देने के लिए एग्रीमेंट किया। इसके लिए 10 लाख रुपये का समझौता किया। अंड और स्पर्म जुटाने वाले गिरोह के मामले की जांच के क्रम में ब्रोकर और फर्टिलिटी सेंटर मिलकर चला रहे ऐसे अनेक धंधे बाहर आ रहे हैं।
हैदराबाद: तेलंगाना में हड़कंप मचाने वाले महिलाओं के अंड के धंधे के मामले की जांच में किराए की कोख (सरोगेसी) का मामला सामने आया। पुलिस ने पहचाना पाया कि युवतियों को पैसे का लालच दिखाकर अंड इकट्ठा कर रहा गिरोह और उन्हीं युवतियों से सरोगेसी के जरिए बच्चों को जन्म दिलाकर दंपतियों को बेच रहा है। संतान के लिए फर्टिलिटी सेंटरों में आने वाले दंपतियों में गर्भ धारण न कर सकने वाली महिलाओं को ये गिरोह टारगेट कर रहे हैं। पुलिस ने पता लगाया कि एक-एक बच्चे के लिए दंपतियों से 10 से लेकर 18 लाख रुपये तक वसूल कर रहे हैं। यह भी पता चला है कि पति के वीर्य से ही बच्चा पैदा होना और उसके बाद उन दंपतियों की संतान के रूप में ही बर्थ सर्टिफिकेट देना होने से कई लोग सरोगेसी की ओर झुक रहे हैं।

नेटवर्क
हाल ही में बेगमपेट, सरूरनगर, एर्रागड्डा और गोपालपुरम में महिलाओं के अंड इकट्ठा करने वाले केंद्रों पर मल्काजगिरी कमिश्नरेट पुलिस ने छापे मारे। इस दौरान मुख्य आरोपी अमित शर्मा समेत 9 अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। अंड देने आई 43 महिलाओं से सरोगेसी से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल कीं। इसके पीछे मौजूद फर्टिलिटी सेंटर, क्लिनिक और अलग-अलग राज्यों के ब्रोकर्स के नेटवर्क का पता लगाने के काम में पुलिस लगी है।
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फर्टिलिटी सेंटरों से ही जानकारी
पुलिस ने पता लगा है कि गर्भ धारण न कर सकने वाली महिलाओं की जानकारी कुछ फर्टिलिटी सेंटर और क्लिनिकों के जरिए ही ब्रोकर्स तक पहुंच रही है। ब्रोकर ऐसे दंपतियों को दो ऑप्शन दे रहे हैं। एक, सीधे बच्चा खरीदना। दो, किसी और युवती के जरिए सरोगेसी में बच्चा जन्म दिलाना। बच्चा खरीदने पर कानूनी अड़चने आएंगे कहकर इच्छुक दंपत्ति सरोगेसी की ओर मोड़ रहे हैं। पुलिस ने बताया कि सरोगेसी के लिए मानने वाली युवतियां लंबी और गोरी हों तो सुंदर बच्चे पैदा होंगे कहकर दंपतियों को फंसा रहे हैं। आर्थिक मुश्किलों में मौजूद युवतियों की फोटो दंपतियों को दिखाकर, पसंद वालों के साथ एग्रीमेंट करा रहे हैं।
कानून क्या कहता है?
देश में पैसों के लिए गर्भ धारण करने वाली कमर्शियल सरोगेसी पूरी तरह प्रतिबंधित है। सरोगेसी (रेगुलेशन) कानून-2021 के अनुसार चिकित्सा जरूरत वाले दंपतियों को और वह भी खर्चों को छोड़कर किसी भी पैसे के भुगतान के बिना कर सकते हैं। ‘अल्ट्रूइस्टिक’ सरोगेसी की ही, वो भी अधिकारियों की अनुमति से ही संभावना है। कमर्शियल सरोगेसी करने पर दस साल तक जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। महिलाओं के अंड दान भी असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) कानून के तहत कड़े नियमों के साथ ही रजिस्टर्ड केंद्रों में ही होना चाहिए।
दूसरे राज्यों की युवतियां ही ज्यादा
पुलिस ने यह भी बताया कि स्थानीय युवतियों के साथ भविष्य में मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार समेत दूसरे राज्यों की गरीब युवतियों को सरोगेसी के लिए मनाकर हैदराबाद ला रहे हैं। आर्थिक मुश्किलों के साथ अलग-अलग राज्यों से आकर पीजी हॉस्टलों में रह रही वर्किंग महिलाओं को भी ब्रोकर मना रहे हैं। बच्चे के लिए आने वाले दंपतियों का गर्भ धारण करने वाली युवती से कोई सीधा संबंध नहीं होगा। 9 से 10 महीने तक सारा मामला बिचौलियों के जरिए ही चलता है। महीने में एक बार फोटो दिखाते हुए समझौता किए गए पैसे को किस्तों में वसूल कर रहे हैं। पूरे पैसे देने के बाद ही बच्चा हाथ में दे रहे हैं। पता चल है कि इस पैसे में आधे से ज्यादा ब्रोकर, कुछ फर्टिलिटी सेंटर और क्लिनिक कमीशन के रूप में हड़प रहे हैं।
शिविर क्लिनिक, पीजी हॉस्टल
पुलिस की जांच में पता चला है कि मैलारदेवपल्ली, काटेदान ओबुलरेड्डी नगर के कुछ क्लिनिक, बंजाराहिल्स, अमीरपेट आसपास के कुछ पीजी हॉस्टल अड्डा बनाकर ये धंधा चल रहे हैं। सरोगेसी के लिए मान रही महिलाओं के नकली आधार कार्ड, एफिडेविट, एग्रीमेंट कागजात और बच्चे पैदा होने के बाद दिए जाने वाले कुछ बर्थ सर्टिफिकेट जब्त किए हैं। अंड इकट्ठा करने वाले गिरोह को कस्टडी में लेकर जांच के लिए पुलिस ने कोर्ट में याचिका दाखिल किया है। महिलाओं की अवैध तस्करी का एंगल भी होने से पीजी हॉस्टल, फर्टिलिटी सेंटर और क्लिनिकों पर छापों के लिए तैयार हो रहे हैं।
पहले भी ऐसे धंधे
इससे पहले भी सामने आया था कि हैदराबाद केंद्र बनाकर युवतियों से अंड और युवकों से वीर्य अवैध रूप से इकट्ठा कर फर्टिलिटी सेंटरों को, दूसरे राज्यों को सप्लाई कर रहे हैं। रोज – मजदूरी करने वाले, युवक और भिखारियों से वीर्य कण और अंड इकट्ठा कर रहे सिकंदराबाद के इंडियन स्पर्म टेक क्लिनिक पर पिछले साल टास्कफोर्स पुलिस ने छापे मारकर संचालकों को गिरफ्तार किया था। तब पहचाना गया था कि अवैध रूप से इकट्ठा किए गए वीर्यकण और अंडों को देश के अलग-अलग शहरों के फर्टिलिटी सेंटरों को सप्लाई कर रहे हैं।
