हैदराबाद: आदिलाबाद रिम्स जनरल अस्पताल में 30 लाख रुपये कीमत के चार वेंटिलेटर चोरी हो गए। टेक्नीशियन बनकर आए दो अज्ञात व्यक्तियों ने चार वेंटिलेटर उठा ले गए। पिछले महीने 30 तारीख को हुई यह घटना देर से सामने आई। इससे रिम्स डायरेक्टर जैसिंह राठौड़ ने थाने में शिकायत की है।

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पुलिस ने बताया कि पिछले महीने 30 तारीख को दोपहर 3.30 बजे दो व्यक्ति टेक्नीशियन बनकर अस्पताल में आए। रिम्स दूसरी मंजिल के RICU से दो और टीबी वार्ड से और दो वेंटिलेटर उठाकर ले गए। इसके बाद दोनों बाइक पर वहां से भाग गए। ये दृश्य अस्पताल के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए। डायरेक्टर की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि चोरों ने पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के दूसरे फ्लोर पर RICU, चेस्ट, सार्को और TB वार्ड से ये वेंटिलेट चुराए। दोपहर 2.37 बजे, दो बदमाश बैग में वेंटिलेटर ले जाते हुए CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुए। हर वेंटिलेटर की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इस तरह चारों डिवाइस की कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी गई है। हैरानी की बात है कि चोरी तब हुई जब मरीज, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ अस्पताल में मौजूद थे। इससे भी खास बात यह है कि उस समय दूसरे फ्लोर, पहले फ्लोर और ग्राउंड फ्लोर पर 36 सिक्योरिटी वाले और सौ से ज़्यादा आउटसोर्सिंग कर्मी ड्यूटी पर थे। हालांकि, चोरों का बिना किसी रोक-टोक के चारों वेंटिलेटर ले जाना सिक्योरिटी सिस्टम की कमजोरी को दिखाता है।
क्या इस चोरी के पीछे अस्पताल के स्टाफ का कोई सहयोग है? इस बात का शक जताया जा रहा है। वेंटिलेटर को बैग में ले जाया जा रहा था लेकिन किसी ने उनसे पूछताछ नहीं, यह कई शक पैदा करता है। इसके अलावा, यह घटना तब हुई जब स्टाफ को हॉस्पिटल के अपने-अपने डिपार्टमेंट में 24 घंटे मौजूद रहना था, जो सुपरविज़न की कमी को दिखाता है। उस समय स्टाफ वार्ड में क्या कर रहे थे? सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें क्यों नहीं रोका? वेंटिलेटर ले जा रहे लोगों से किसी ने पूछताछ क्यों नहीं की? ऐसे अनेक सवाल उठ रहे हैं। RIMS में पहले भी टू-व्हीलर और दूसरे वार्ड से चोरी की खबरें आ चुकी हैं। एक साल पहले MICU डिपार्टमेंट से वेंटिलेटर चोरी होने की घटना भी सामने आई थी। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सब घटनाओं के बाद भी सिक्योरिटी सिस्टम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
पुलिस ने वेंटिलेटर चोरी की घटना की जांच तेज कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की हरकतों की जांच की जा रही है। शक है कि आरोपी महाराष्ट्र के हो सकते हैं। पुलिस अधिक्षक अखिल महाजन ने जांच में तेजी लाने के लिए पांच स्पेशल पुलिस टीमें बनाई हैं। बताया गया है कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुलिस जांच में अभी यह पता नहीं चल पाया है कि चोरी के पीछे कौन है।
