नागोया/हैदराबाद : अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भारतीय पैरा एथलीटों की जीत का सफर नई ऊंचाइयों को छूते हुए पूरे देश को गर्व महसूस करा रहा है। 2010 में सिर्फ 14 पदकों से शुरू हुआ सफर, महज 16 साल के अंदर ही पूरे 114 पदकों तक पहुंच कर एक नया बेमिसाल रिकॉर्ड बना दिया। पदक तालिका में पूरे आठ गुना से भी ज्यादा शानदार बढ़ोतरी दर्ज करते हुए भारतीय पैरा खेल जगत ने असाधारण बदलाव हासिल किया है।
2010 में एक स्वर्ण, 4 रजत, 9 कांस्य (कुल 14) से शुरुआत कर.. 2014 तक 33 पदक (3 स्वर्ण, 14 रजत, 16 कांस्य), 2018 में पूरे 72 पदक (15 स्वर्ण, 24 रजत, 33 कांस्य) हासिल करते हुए लगातार प्रतिभा दिखाई। वहीं 2022 में 108 पदकों के साथ (27 स्वर्ण, 32 रजत, 49 कांस्य) शानदार रिकॉर्ड बनाने वाला भारत, हाल ही में 2026 तक 30 स्वर्ण, 35 रजत, 49 कांस्य के साथ पूरे 114 पदकों के मील के पत्थर को पार कर इतिहास को फिर से लिख दिया।
एथलीटों द्वारा जीते गए हर पदक के पीछे अथक जिद, दृढ़ संकल्प, सामने आई विकलांगता की चुनौतियों को पार करने वाले बेशुमार त्याग छिपे हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर सारी बाधाओं को तोड़ते हुए पैरा योद्धा तिरंगे को सबसे ऊंची चोटियों पर गर्व के साथ लहरा रहे हैं।
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सरकार द्वारा दी जा रही अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और खिलाड़ियों का अटूट आत्मविश्वास देश में पैरा स्पोर्ट्स की तस्वीर ही बदल दी है। असाधारण प्रगति के साथ रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तोड़ रहे हमारे पैरा एथलीटों का भविष्य और भी उज्जवल होने वाला है। यह देखकर पूरा देश खुशी जता रहा है।

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