हैदराबाद : आर्य समाज सुलतान बाजार में 21 अगस्त से आयोजित श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह का समापन गुरुवार को यजुर्वेद पारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ हुआ। पूर्णाहुति का आयोजन ब्रह्मा निर्मला योग भारती के ब्रह्मत्व में ऋत्विक डॉ. मैत्रेयी शास्त्री, श्रीमती स्फूर्ति शास्त्री तथा आचार्य मिथिलेश शास्त्री के सहयोग से विधिवत संपन्न हुआ।

पूर्णाहुति के पश्चात आर्य समाज सुलतान बाजार का 134वाँ वार्षिकोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। मेरठ से पधारे प्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित भूपेंद्र आर्य ने अपने मधुर भजनों एवं प्रेरणादायक विचारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तबले पर कृष्ण पाल आर्य ने सुंदर संगति प्रदान की। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लेते हुए कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

नोएडा से पधारे आचार्य डॉ. जयेंद्र कुमार ने दान के विषय में विस्तार से प्रकाश डालते हुए उसके महत्व को समझाया तथा समाज एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रति सहयोग की भावना विकसित करने का आह्वान किया। आर्य समाज सुलतान बाजार द्वारा इस वर्ष के लिए हमारे निष्ठावान सदस्य काशीराम को विशेष रूप से सम्मानित एवं स्वागत किया गया। काशीराम पिछले लगभग 10 वर्षों से प्रत्येक सप्ताह रविवार को होने वाले सत्संग एवं यज्ञ में नियमित रूप से उपस्थित होते रहे हैं तथा आर्य समाज की गतिविधियों में निरंतर सहयोग देते आ रहे हैं।

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अपने संदेश में काशी राम ने सभी उपस्थित लोगों से विनम्र आग्रह किया कि सप्ताह में एक दिन मिलने वाली छुट्टी में से कम से कम एक घंटा आर्य समाज के लिए निकालकर यज्ञ एवं सत्संग में अवश्य सहभागी बनें हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ में सम्मिलित होकर परमपिता परमात्मा का ध्यान करें तथा वेदों की आज्ञाओं का पालन करते हुए अपने जीवन को श्रेष्ठ एवं संस्कारिक बनाने का प्रयास करें।

समारोह में रामचंद्र राजू, धर्मपाल आर्य परिवार, अशोक कुमार, डॉ मैत्रेयी परिवार, सुशील कुमार अन्ने, पृथ्वी एवं साइदाबाद समाज, आचार्य स्फूर्ति परिवार, शिवाजी, सत्यपाल आर्य, श्रुतिकांत भारती, डेनी कुमार आजाद, प्रदीप दत्त, संगीता आर्य, विद्या, राजेश्वर आर्य, गार्गी, डॉ. प्रतापरुद्र, भगतसिंह आर्य, मधुराम, नरेन्द्र आर्य, प्रदीप जाजू और अन्य ने भाग लिया।

आर्यसमाज सुल्तान बाजार के पदाधिकारीयों ने वार्षिकोत्सव की सभी को हार्दिक बधाई दी और वैदिक परंपराओं एवं समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने ऋषि लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण इस समारोह के साथ श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह का समापन हुआ।
