हैदराबाद : आर्य समाज सुल्तान बाजार, महर्षि दयानंद मार्ग में चल रहे श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह के पांचवें दिन मंगलवार को प्रातः एवं सायंकाल यजुर्वेद पारायण महायज्ञ का आयोजन प्रतिदिन की भांति किया गया। यज्ञ माता निर्मला योग भारती, ऋत्विक डॉ. मैत्रेयी शास्त्री, श्रीमती स्फूर्ति एवं आचार्य मिथिलेश शास्त्री के ब्रह्मत्व में यज्ञ विधिवत संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन पंडित बसंत के नेतृत्व में गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने मिलकर किया। अगली कड़ी में पंडित भूपेंद्र आर्य ने मधुर भजनों एवं प्रेरणादायक उपदेश के माध्यम से माता-पिता के प्रति कर्तव्य तथा गृहस्थ जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला।

उसी विषय को आगे बढ़ाते हुए आर्य जगत के प्रसिद्ध वेद विद्वान आचार्य डॉ. जयेंद्र कुमार ने अपने प्रवचन में कहा कि गृहस्थ जीवन ही वास्तविक स्वर्ग है। स्वर्ग कोई दूर का स्थान नहीं, बल्कि मनुष्य अपने सदाचार, प्रेम, कर्तव्य और शांति से इसी पृथ्वी पर गृहस्थ आश्रम को स्वर्ग बना सकता है। उन्होंने पंडित शिवकुमार शास्त्री जी द्वारा लिखित “गृहस्थ में स्वर्ग” पुस्तक के संदर्भ में भी गृहस्थ आश्रम की गरिमा को समझाया।

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कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से संपन्न हुआ। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया। श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह के अब केवल दो दिन शेष हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे इन शेष दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर वेदों के मधुर, प्रेरणादायक एवं जीवनोपयोगी उपदेशों का लाभ उठाएं।

