राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी व सम्पर्क संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हास्य-मस्ती-नृत्य का संगम
जयपुर : होली के पावन अवसर पर ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को सजीव करने के उद्देश्य से राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी व सम्पर्क संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को भव्य ‘ब्रज रसिया-होली के रंग-संग’ कार्यक्रम में रंगों की फुहार, फूलों की होली में लोग जमकर नाचे झूमे और अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती अनुराधा गोगिया, उप सचिव कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग राजस्थान सरकार व कार्यक्रम अध्यक्ष राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी सचिव डॉ. लता श्रीमाली, संपर्क अध्यक्ष अनिल लढ़ा, समन्वयक महासचिव रेनू शब्दमुखर आदि ने सरस्वती माँ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

ब्रज की फाग परंपरा के रंगों में सराबोर इस भव्य एव ऐतिहासिक कार्यक्रम में राधा कृष्ण की जोड़ी ने जमकर धमाल मचाया व सम्पर्क सदस्यों ने अपने गीत संगीत नृत्य से सब को रिझाया। आयोजन के दौरान ब्रज होली पर आधारित कविता, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ब्रज संस्कृति की लोकधारा, राधा-कृष्ण की रसधारा और फाग उत्सव की रंगीन परंपराओं को मंच पर जीवंत किया गया।
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इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को ब्रज भाषा और संस्कृति से जोड़ना तथा होली के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना था। संयोजक सीमा वालिया ने बताया कि कार्यक्रम में ब्रज भाषा में काव्य पाठ, पारंपरिक होली गीतों की प्रस्तुति एवं आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।
समारोह में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. अरुण जोशी, हिन्दी प्रचार प्रसार संस्था के अध्यक्ष डॉ. अखिल शुक्ला, शिक्षविद डॉ. ऋत्विज गौड़, पूर्व आईएएस मनोज शर्मा, शालिनी शर्मा, कविता सक्सेना, माधुरी कुमार अपना वाजपेई, अविनाश शर्मा, परमानंद, मुकेश, नवल किशोर शर्मा, धर्मेंद्र, नवीन भूटानी, रुचि, नवल किशोर शर्मा, विम्मी मदान सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. सूरज माहेश्वरी ने किया।

इस दौरान आयोजित कला प्रतियोगिता परिणाम में प्रथम; दीपा शर्मा, द्वितीय; रानी जांगिड़ और तृतीय; पूनम केसवानी रही है। इस तरह काव्य गीत प्रतियोगिता में प्रथम; डॉ. नेहा पारीक व सुशीला शर्मा, द्वितीय; डॉ. आरती भदौरिया, तृतीय; विजय लक्ष्मी जांगिड़ ‘विजया,’ व डॉ. रेखा गुप्ता रहे हैं।
