हैदराबाद/नई दिल्ली : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका से ट्रेड डील और रूस से तेल न खरीदने के मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया हैं। अमेरिका को लेकर ओवैसी ने लोकसभा में मोदी सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यह ‘गोरी चमड़ी वाला’ कौन है जो वहां बैठकर हमें हुक्म देता है?

सांसद ओवैसी ने लोकसभा में कहा, “ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर निकाला कि अगर हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस का तेल खरीदते हैं, तो अमेरिका 25 फीसदी टैरिफ लगाएंगे। यह ‘गोरी चमड़ी वाला’ कौन है जो वहां बैठकर हमें हुक्म देता है? क्या देश को इसके लिए आजादी मिली थी? हम जिससे चाहेंगे तेल खरीदेंगे। आप कौन होते हैं हमें बताने वाले? यह दुख की बात है कि सरकार चुप है। हम इस ‘गोरी चमड़ी वाले’ के सामने इतना क्यों झूक रहे हैं? हमारा आत्मसम्मान कहां गया है?” ओवैसी ने आगे कहा, “मैं जिससे चाहूंगा तेल खरीदूंगा, तुम होते कौन हो, मेरे माई बाप हो क्या? आप 25 फीसदी लगाएंगे। अमेरिका ने 2019 में बोला कि ईरान से तेल मत खरीदो, हमने गलती की, ईरान से ऑयल नहीं लिया। अमेरिका ने कहा कि इराक से मार्केट रेट पर तेल लीजिए। आज अमेरिका कह रहा है कि मोनोपॉली रेट पर लो।”

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इसके अलावा, ओवैसी ने यूरोपियन यूनियन के साथ भारत के ट्रेड एग्रीमेंट पर चिंता जताई और चेतावनी दी कि देश की इंडस्ट्री के डी-इंडस्ट्रियलाइज़ेशन का खतरा है। सांसद ने कहा, “आपने टैरिफ कम कर दिए हैं। आपने मेडिकल डिवाइस पर टैरिफ कम किए। आपने सोफिस्टिकेटेड मशीनरी पर टैरिफ कम किए। अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामान आएगाष इस देश में डी-इंडस्ट्रियलाइज़ेशन का खतरा है। क्या हम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन कर रहे हैं या जबरदस्ती परचेज ऑर्डर पर?” पिछले हफ्ते, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि भारत ने रूसी तेल की अपनी खरीद खत्म करने का वादा किया है और इसके बजाय वह अमेरिका से कच्चा तेल लेगा। (एजेंसियां)
