उस्मानसागर: 12 साल बाद खोले गये 12 गेट, उफान पर मूसी नदी, निचले इलाकों के घरों में घुसा पानी, लोगों का हाल बेहाल

हैदराबाद: भारी बारिश के कारण ऐतिहासिक गंडीपेट (उस्मानसागर) लबालब हो जाने के बाद अधिकारियों ने जलाशय के 12 गेट उठा दिये हैं। मंगलवार रात दस बजे जल बोर्ड के अधिकारियों ने 12 फाटकों को उठाकर 7,308 क्यूसेक पानी नीचे की ओर छोड़ा है। ऊपरी क्षेत्र से 6,800 क्यूसेक पानी आ रहा है। लगभग 12 साल के बाद 12 गेटों कों को उठा लिया गया।

2010 में भारी बारिश के कारण उस समय मुसी में पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अब 7,308 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंडीपेट जलाशय का पानी छोड़े जाने के कारण अधिकारियों ने मंचीरेवु से नारसिंदी तक के सभी रास्ते अस्थाई रूप से बंद कर दिया है।

सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के अलावा हैदराबाद के उस्मानसागर और हिमायतसागर जलाशयों के गेटों को उठाकर पानी छोड़े जाने से मूसी नदी में बाढ़ का प्रवाह बढ़ गया। मंगलवार दोपहर तक मुसारामबाग-अंबरपेट चांदनी ब्रिज पर पानी का स्तर पुल से डेढ़ फीट नीचे था और शाम तक प्रवाह पुल के ऊपर से बह रहा है।

बाढ़ का प्रवाह और बढ़ने की संभावना है। काचीगुडा यातायात पुलिस ने पुल पर यातायात को पहले ही रोक दिया। ट्रैफिक को गोलनाका न्यू ब्रिज की ओर डायवर्ट किया गया।

दूसरी ओर मूसी नदी को आई बाढ़ को देखने के लिए शहर के लोग उमड़ पड़े हैं। मूसी नदी में बहते पानी को देखने वालों की जगह-जगह पर भीड़ ही भीड़ हैं। इसी क्रम में पुरानापुल शमशान वाटिका में पानी से भर गया है। इसके चलते अंतिम संस्कार और कर्मकांड जैसे कार्यक्रम बंद कर दिये गये हैं। इसके कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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