विवेक वर्धिनी महाविद्यालय में मनाया गया विश्व पृथ्वी दिवस, पूर्व प्रोफेसर के पुरुषोत्तम रेड्डी ने दिया यह उपयोगी संदेश

हैदराबाद : विवेक वर्धिनी महाविद्यालय एवं तेलंगाना इन्टलेक्च्वल फोरम् के संयुक्त तत्वावधान में विवेक वर्धिनी स्नातकोत्तर महाविद्यालय विश्व पृथ्वी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आज यहाँ जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में विवेक वर्धिनी महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग की अध्यक्ष डॉ मीनाक्षी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने आगे बताया कि इस अवसर पर माननीय पर्यावरणविद उस्मानिया विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र के पूर्व प्रोफेसर के. पुरुषोत्तम रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। रेड्डी ने कहा कि मानवता का अस्तित्व मिट्टी के संरक्षण पर निर्भर करता है और मिट्टी को प्रदूषण से बचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धरती की संरक्षण पर ही मानव जीवन आधारित है। प्रदूषण से अपने आप को बचाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है ।

NCC और NSS के विद्यार्थियों को विशेष रूप से इस ओर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए वचन बद्द रहने के लिए प्रेरित किया है। प्रायः यह सुझाव दिया जाता है कि प्रत्येक व्यक्ति को वनों की रक्षा के लिए एक पेड़ लगाना चाहिए क्योंकि प्रदूषण से उत्पन्न गर्मी के कारण तापमान बढ़ रहा है और हिमालय भी पिघल रहा है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी की रक्षा का मतलब मानव जीवन के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी बचाना है।

उस्मानिया विश्वविद्यालय के भूविज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एम. मुरलीधर ने कहा कि हम जो पानी पीते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं और जिस मिट्टी में हम खेती करते हैं, ये सब चीजें धरती माँ के स्वास्थ्य से जुड़ी हैं। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि प्रकृति के संतुलन बिगड़ने से वायु प्रदूषण बढ़ा है।

तेलंगाना मेधावुला पुरम के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजनारायण मुदिराज ने कहा कि पर्यावरण, जलवायु और साक्षरता को बढ़ावा देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन दूषित और पतन की ओर जा रहा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ऐक्यराज्य समिति ने बाईस अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाने का निश्चय किया है।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए विवेक वर्धनी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. विद्याधर ने बताया कि पूर्व में देश हरे-भरे वृक्षों से सुरक्षित था, लेकिन अब जनसंख्या करोड़ों में बढ़ गई है और वनों की कटाई तथा वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है ,जिससे प्रदूषण में वृद्धि हुई है, लोग अनेक प्रकार की बीमारियों के पीड़ित हो रहे हैं।

इस अवसर पर विगत 40 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे प्रमुख पर्यावरणविद् प्रोफेसर के पुरुषोत्तम रेड्डी तथा उस्मानिया विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एम मुरलीधर को शाल, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में एनएसएस से डॉ. जगदेवी मूले कार्यक्रम संयोजक डॉ. एन. मीनाक्षी, एनसीसी अधिकारी पी वेणु, कार्यक्रम समन्वयक काकी सदानंद स्वामी मुदिराज, श्री काशा मौनी श्याम राव, श्री केतना श्रीनिवास राव और अन्य ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. राजश्री ने मुख्य अतिथि का और डॉ. रजनी चौधरी ने मुख्य वक्ता का परिचय से अवगत कराया है । डॉ. मारुतिराव निदेशक विवेक वर्धिनी महाविद्यालय ने स्वागत भाषण दिया है। श्री शैलेश ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक कृष्ण मोहन, शालिनी, सबिता, श्रद्धा, मंजुला, माधवी, हिमजा, श्री विद्या, देवेन्द्र, संदीप, काकि सदानंदम्, स्वामी मुदिराज, केतन श्रीनिवास, काकमौनि श्यामराव और बड़ी संख्या में एनएसएस व एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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