टीएसआरटीसी के ड्राइवर और कंडक्टरों का महाराष्ट्र में सम्मान, जानिए कौन और क्यों कर रहे हैं सम्मान

हैदराबाद : सेवा की प्रसंशा करना है तो आपको यवतमाल (महाराष्ट्र) जिले के बोरी (पाटण) गांव जाना होगा। इस गांव में विजय सित्तिवार नामक व्यक्ति करते हैं। विजय अपने गांव के सतीश रावर्तोवार, गणपत झाडे, भास्कर मुडे, शंकर कुलसांगे और अन्य के साथ मिलकर गुरुवार को तेलंगाना से बोरी गांव आने और जाने वाले बसों के ड्राइवर और कंडेक्टरों का सम्मान किया। सुबह से शाम तक लगभग 25 बसों के ड्राइवर और कंडेक्टरों को विजय ने सम्मानित किया।

‘तेलंगाना समाचार’ ने विजय से सम्मानित करने के कारणों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताना कि 28 अक्टूबर से महाराष्ट्र में बसों की हड़ताल जारी है। लोगों को अनेक प्रकार की तकलीफें का सामना करना पड़ रहा है। निजी वाहन चालक मनमाने दाम वसूल रहे है। मगर तेलंगाना के बस सेवा जारी है। इससे यात्री वाजिब दामों पर अपने-अपने गंतव्य तक आ-जा रहे है। तेलंगाना आरटीसी की सेवाएं प्रशंसनीय है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए तेलंगाना के ड्राइवर और कंडक्टरों करने का फैसला लिया है।

विजय ने सम्मान के अंतर्गत बस ड्राइवर और कंडक्टरों को मिठाई और दुपट्टा भेंट किया। विजय की सेवा और सम्मान को देखकर सभी बसों के ड्राइवर और कंडक्टर आश्चर्य चकित हो गये। आदिलाबाद डिपो के कंडक्टर एस लक्ष्मण और ड्राइवर राकेश ने ‘तेलंगाना समाचार’ से कहा कि हमें इस तरह सम्मान करते देख बहुत प्रसन्नता हुई है। उन्होंने सम्मानित करने वाले विजय और अन्य के प्रति आभार व्यक्त किया है।

साथ ही कहा कि आरटीसी की हड़ताल सभी के लिए नुकसानदायक है। हड़ताल से आरटीसी का नुकसान होता है, कर्मचारियों के वेतन में कटौती होती है और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और कर्मचारी संगठनों से बातचीत करके जल्द से जल्द समस्या करने का सुझाव दिया है। क्योंकि हड़ताल से सबसे अधिक भार यात्रियों पर पड़ता है।

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