राज्यपाल तमिलिसाई ने किया भद्राद्री कोत्तागुडेम जिले के वन क्षेत्र का दौरा, स्वागत के लिए नहीं आये वरिष्ठ अधिकारी

हैदराबाद : तेलंगाना के राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा कि आदिवासियों की सेवा करना मेरा सौभाग्य है। आपके गांव फिर से आऊंगी। राज्यपाल ने मंगलवार को भद्राद्री कोत्तागुडेम जिले के दम्मपेट मंडल के सुदूर वन क्षेत्र के पुसुकुंटा गांव का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने राज्यपाल का पारंपारिक पोशाक और ढोल बाजा के साथ स्वागत किया। सबसे पहले राज्यपाल ने आंगनवाडी केंद्र में आईसीडीएस गिरि पौस्टिक आहार स्टालों का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर तमिलिसाई ने राज्यपाल निधि से गोगुलपुडी और पुसुकुंटला गांव में 16 लाख रुपये की लागत से दो सामुदायिक हॉल और 8 लाख रुपये की लागत से पुसुकुंटा प्राथमिक विद्यालय भवन के विस्तार की आधारशिला रखी। इसके बाद वह गांव के कुछ मकानों में गई। उनसे बात की और उनका हालचाल जाना। दौरे के हिस्से के अंतर्गत स्थापित एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया और चिकित्सा का संचालन किया। बाद में राज्यपाल ने तेलुगु में आदिवासियों को संबोधित किया।

राज्यपाल ने कहा कि यह दिन मेरे जीवन में हमेशा याद रहेगा। कोंडारेड्ला गांव में लोगों से उनके गांव मिलकर बहुत खुशी हो रही है। मैं इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी। इतने घने जंगल में सफर करना एक नया एहसास देता है। एक राज्यपाल के रूप में ही नहीं, बल्कि एक दूरस्थ आदिवासी गांव में बाल कुपोषण देखकर बहुत दुख भी हुआ है। मेरा इरादा है कि आप अच्छा भोजन करें और स्वस्थ रहें। तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से कई आदिवासी गांवों में प्रदान की गई सेवाओं को याद किया।

इसके बाद में राज्यपाल ने सभा में भाग लेने वालों के लिए तैयार किए गए व्यंजन परोसे और उनके साथ भोजन किया। स्थानीय विधायक, जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक आईटीडीए पीओ राज्यपाल के दौरे में शामिल नहीं हुए। इस अवसर पर राज्यपाल प्रोटोकॉल विवाद पर टिप्पणी करने से इंकार किया।

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