प्रो टी मोहन सिंह की 'प्रतिबद्धता' "किसानों के सिवा सभी कà
Continue Readingडॉ ऋषभदेव शर्मा की ‘इक्यावन कविताएँ’ और ‘इन अदर वर्ड्स’ पुस्तकों का प्रो. सुनील बाबुराव कुलकर्णी ने किया लोकार्पित
हैदराबाद: केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के निदेशक डॉ. सुनी
Continue Readingसंत कबीर जयंती (ज्येष्ठ पूर्णिमा 4 जून, 2023) पर विशेष: परम प्रेम रूपा है भक्ति
भक्ति प्रेम की उच्चतम स्थिति का नाम है. वह परम प्रेम रूपा à
Continue Readingपुस्तक समीक्षा : ‘इक्यावन कविताएँ’ हैं ज़िद्दी और जुझारू
फणीश्वरनाथ रेणु का कथन है- "लेखक के संप्रेषण में ईमानदारी
Continue Readingहिंदीतर प्रदेशों में उच्च स्तर पर हिंदी के अध्ययन-अध्यापन की चुनौतियाँ : डॉ ऋषभदेव शर्मा
[नोट- डॉ ऋषभदेव शर्मा (पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, उच्च शिक्
Continue Readingमार्मिक समीक्षा : आलूरि बैरागी चौधरी का कवि कर्म
धुनी जा रही दुर्बल काया. मलिन चाम में हाड-मांस जिसमें स्à¤
Continue Reading‘शोधादर्श’ : साहित्यकार ऋषभ के व्यक्तित्व और कृतित्व का समग्र आकलन
नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश) से प्रकाशित त्रैमासिक शोध पत्रिà¤
Continue Readingपुस्तक समीक्षा: प्रोफेसर ऋषभदेव शर्मा पर केंद्रित ‘शोधादर्श’ का विशेषांक ‘प्रेम बना रहे’
गन्ने के गाँव खतौली से मोतियों के शहर हैदराबाद तक की संघर
Continue Readingअंतराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : कुछ सत्ता है नारी की!?
8 मार्च अर्थात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस! इस अवसर पर यह सà
Continue Readingसामयिक टिप्पणी : कहीं खो न जाएँ हमारी छह ऋतुएँ!
['तेलंगाना समाचार' में समसामयिक विषय पर रचनाकारों के लेखो
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