नईदिल्ली/हैदराबाद : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि NEET पेपर लीक के लिए केंद्र जिम्मेदारी ले। साथ ही बताया कि NEET सहित शिक्षा व्यवस्था के अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। यह चर्चा लगभग डेढ़ घंटे तक चली। सीजेपी ने अपनी मांगें लिखित रूप में सरकार के सामने रखीं।
सीजेपी के प्रतिनिधियों ने साफ किया कि NEET पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। साथ ही पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा और रैली निकालने वाले छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग रखी। इस पर केंद्रीय मंत्रियों ने 25 जुलाई 2 बजे तक का समय मांगा। इसके बाद दोनों पक्ष कल फिर मिलने पर सहमत हुए।
केंद्रीय मंत्रियों से बैठक के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास ने मीडिया को बताया कि हमने केंद्र के सामने 3 मुख्य मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर मामले वापस लेने और मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग हमने की है। इनमें से दो मांगों पर केंद्र सकारात्मक है। मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के संबंध में केंद्र ने कल तक का समय मांगा है।
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सीजेपी के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मीडिया में प्रसारित और प्रकाशित खबरों से स्पष्ट होता है कि गुरुवार को केंद्र सरकार के प्रधामंत्री से लेकर अन्य मंत्री ठीक से नहीं सो पाये हैं। आज फिर सीजेपी के आंदोलन को तेज करने की चेतावनी ने चलते दबाव और बड़ गया है। साथ ही युवाओं का आंदोलन देश भर में भड़क उठा है। आज बिहार में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई।
दिल्ली के जंतर मंतर और अन्य जगह पर गूंज रहा है यह गीत–
मुझको अपने बैंक की किताब दीजिए
देश की तबाही का हिसाब दीजिए
युवा सारे देश के सड़क पर आ गये
नीट पेपर लिक पे तुम चुप्पी खा गये
भगवान को भी लूटकर ठेंगा दिखा गये
जनता करे मांग तो जवाब दीजिए
देश की तबाही का हिसाब दीजिए
मुझको अपने बैंक की किताब दीजिए
देश की तबाही का हिसाब दीजिए
आजाद हर आवाज को ये शोर कह गये
इंसाफ मांगे इनसे द्रोह कह गये
तड़पती रही बेटियां तो ये मौन रहे गये
जलते मणिपुर का भी इलाज कीजिए
देश की तबाही का हिसाब दीजिए
मुझको अपने बैंक की किताब दीजिए
देश की तबाही का हिसाब दीजिए
