रक्षा अनुप्रयोगों हेतु आर्मर ग्रेड एल्युमिनियम एलॉय वाइड प्लेट्स के स्वदेशी उत्पादन में मिधानि ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

हैदराबाद : मिश्र धातु निगम लिमिटेड (मिधानि), रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत मिनीरत्न श्रेणी-I सार्वजनिक उपक्रम, ने देश में पहली बार रक्षा अनुप्रयोगों हेतु आर्मर ग्रेड एल्युमिनियम एलॉय वाइड प्लेट्स का स्वदेशी उत्पादन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को सशक्त बनाने और सामरिक सामग्रियों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मिधानि ने अत्याधुनिक वाइड प्लेट मिल का उपयोग कर उच्च शक्ति 7XXX श्रृंखला एल्युमिनियम एलॉय प्लेट्स को सफलतापूर्वक प्रोसेस किया। एल्युमिनियम जिंक मैग्नीशियम (Al Zn Mg) एलॉय इंगट को पहले फोर्ज किया गया और बाद में 23 X 1350 X 4500 मिमी (लगभग) आकार की आर्मर ग्रेड प्लेट्स में रोल किया गया। इससे पहले विकासात्मक प्रयास में मिधानि ने 2XXX श्रृंखला एल्युमिनियम एलॉय प्लेट्स को 8 X 2800 X 12000 मिमी (लगभग) आकार में सफलतापूर्वक रोल किया था। अपनी मौजूदा क्षमताओं के साथ, मिधानि 3000 मिमी चौड़ाई तक की प्लेट्स रोल कर सकती है, जो इसकी तकनीकी क्षमता को और मजबूत बनाता है।

इस उपलब्धि से भारत में पहली बार कठोर (मजबूत) एल्युमिनियम एलॉय वाइड प्लेट्स के फोर्जिंग और रोलिंग की स्वदेशी क्षमता स्थापित हुई है। अब तक इन उच्च शक्ति एलॉय प्लेट्स का आयात किया जाता था। मिधानि की इस सफलता से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में सामरिक सामग्रियों के उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी। यह उपलब्धि रक्षा और सामरिक क्षेत्रों के लिए मिधानि के उन्नत सामग्रियों के पोर्टफोलियो को और विस्तृत करती है तथा विशेष धातुओं और मिश्र धातुओं के भारत के प्रमुख निर्माता के रूप में इसकी स्थिति को सुदृढ़ करती है। यह उपलब्धि भारत सरकार के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को सशक्त बनाने और महत्वपूर्ण सामग्रियों में तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

मिधानि प्रबंधन ने कहा है कि आर्मर ग्रेड एल्युमिनियम एलॉय वाइड प्लेट्स का सफल विकास संगठन की नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और स्वदेशी क्षमताओं के माध्यम से राष्ट्र के सामरिक कार्यक्रमों को समर्थन देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह विकास भविष्य के रक्षा प्लेटफॉर्म्स के लिए महत्वपूर्ण आर्मर सामग्रियों का विश्वसनीय घरेलू स्रोत प्रदान करेगा और भारत के रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस उपलब्धि के साथ, मिधानि रक्षा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण उद्योगों सहित सामरिक क्षेत्रों के लिए उन्नत सामग्रियों की आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेगी, जिससे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा की यात्रा को मजबूती मिलेगी।

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