हैदराबाद : भारत के रेसलिंग इतिहास में नया अध्याय महिला रेसलर मनीषा बंवाला ने लिखा। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 59 किलो वर्ग की मनीषा ने शानदार प्रदर्शन करके यह स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धि हासिल कर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनी मनीषा। 2010 में सुशील कुमार (पुरुष 66 किलो) के बाद भारत की तरफ से वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली दूसरी रेसलर के तौर पर मनीषा ने अपना नाम खेल रिकॉर्ड में दर्ज किया।
अमेरिका की पैन अमेरिकन चैंपियन अबिगेल नेट्टे के साथ हुआ फाइनल मुकाबला फैंस को रोमांच से भर गया। मैच की शुरुआत में ही अमेरिकन रेसलर ने दबदबा दिखाते हुए 4 अंक हासिल किए। लगभग पहला हाफ खत्म होते तक मनीषा 0-6 से पिछड़ कर भारी दबाव में आ गई। हालांकि इस कठिन समय में हिम्मत न हारने वाली मनीषा, दूसरे हाफ में अनसोची तरह से वापसी कर माइंड ब्लोइंग कमबैक दिया।

सेकंड हाफ में वह गरजते हुए लगातार 7 अंक हासिल किए। अमेरिकन रेसलर लेग अटैक करने गई, रोक कर शानदार टेकडाउन से अंक हासिल किया। फिर और अंक हासिल कर बढ़त को 8-6 तक बढ़ा ली। आखिरी 27 सेकंड तक प्रतिद्वंद्वी से आए हमले को बचा कर जीत पक्की की।
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जीत पक्की होते ही मनीषा खुशी के आंसुओं के साथ रिंग पर ही उछल पड़ी और मैट को चूम कर अपनी खुशी जताई। इस टूर्नामेंट में भारत की तीन महिला रेसलर फाइनल में पहुंचीं, वे सब केवल सिल्वर से ही संतोष करना पड़ा। नीलम सिरोही (50 किलो), काजल धोचक (76 किलो) इस लिस्ट में हैं। लेकिन मनीषा तो ऐतिहासिक स्वर्ण से भारत को गर्व करने लायक बनाया।
हरियाणा की इस 29 साल की लड़की ने अपनी जीत पिता को समर्पित की। मनीषा को विश्व चैंपियन के तौर पर देखना चाहने वाले उसके पिता सुरेश की चार साल पहले ही निधन हो गया था। जीतने के बाद अपने पिता की फोटो वाली टी शर्ट दिखाते हुए भावुक हो गई।

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