हैदराबाद: भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में ‘चक्रवात अर्णब’ की हलचल शुरू हो गई है। आईएमडी की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि मई के दूसरे हफ्ते में चक्रवात समुद्र में अपना असर दिखा सकता है। एक निम्न दबाव या ऊपरी हवा का चक्रवात बनने वाला है। 8 मई से 14 मई के बीच दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में ये मौसमी बदलाव होने के संकेत दिख रहे हैं।
हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि इन परिस्थितियों के चक्रवात में बदलने की संभावना बहुत कम है। आईएमडी की भाषा में कहें तो यह सिर्फ ‘लो प्रोबेबिलिटी’ है। यानी मौसम की स्थितियां साथ दें तभी इसके बड़े तूफान में बदल सकता है। अगर हालात अनुकूल हुए और समुद्री हवाएं 62 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती हैं, तो अधिकारियों ने इसका नाम ‘साइक्लोन अर्णब’ रखने का फैसला किया है।
13 मई से 16 मई के बीच ‘साइक्लोजेनेसिस’ यानी निम्न दबाव का क्षेत्र में बदलने की प्रक्रिया आरंभ होने की संभावना जताई गई है। फिलहाल आईएमडी इसे एक सामान्य मौसम बदलाव के तौर पर ही देख रहा है, लेकिन गर्मी के मौसम में बंगाल की खाड़ी कब कैसी प्रतिक्रिया देगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसलिए अधिकारी इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। पहला हफ्ता 8-14 मई, दूसरा हफ्ता 15-21 मई, ऐसे दो चरणों में इन स्थितियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है।
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प्री-मानसून सीजन में इस तरह के मौसम बदलाव सामान्य ही हैं, लेकिन ‘अर्णब’ नाम अब सोशल मीडिया पर हॉट टॉपिक बन रहा है। तो क्या समुद्र का यह अर्णब शांति से लौट जाएगा? या रफ्तार पकड़कर तूफान की तरह गरजेगा? यह जानने के लिए कुछ और दिन इंतजार करना होगा। मौजूदा अनुमानों के मुताबिक यह सिर्फ ठंडी फुहारें देकर चले जाने वाले मेहमान जैसा ही लग रहा है। चक्रवात का खतरा टल गया लगता है, फिर भी समुद्र की गोद में छिपे इस रहस्य पर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। फिर भी ऐसा अधिकारियों ने चेताया है कि तटीय इलाकों के लोगों का सतर्क रहना बेहतर है।
