हैदराबाद : दशहरा समारोह के तहत 20 अक्टूबर की रात उप्पल मिनी स्टेडियम में नीलकंठ पक्षी को छोड़ने की घटना पर वन विभाग के अधिकारियों ने मामला दर्ज किया है। इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। मेडचल-मल्काजगिरि जिला वन अधिकारी वेणुमाधव ने बताया कि इस घटना में उप्पल के ईगा चंद्रशेखर, पी. परमेश्वर रेड्डी और कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता प्रारंभिक रूप से पाई गई है।
इसके चलते वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की संबंधित धाराओं के साथ-साथ बीएनएसएस (BNSS) की धारा 35 के तहत 21 अक्टूबर को POR नं. 16-03/2025-26 के साथ केस दर्ज किया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस घटना पर जांच जारी है, संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे और आरोपियों को संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेंगे। उसी तरह हैदराबाद में विभिन्न इलाकों में बंद किए गए चार नीलकंठ पक्षियों को पुलिस ने बचाया। लंगर हाउस, छत्रीनाका और मंगल हाट इलाकों में चार नीलकंठ पक्षियों को बंद किए जाने का पता चलने पर पुलिस ने उन्हें बचाया।
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गौरतलब है कि नीलकंठ पक्षी को तेलंगाना के राज्य पक्षी के रूप में सरकार ने मान्यता दी है। इस पक्षी के संरक्षण को अत्यंत प्राथमिकता दी जाती है। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत इस पक्षी को कैद करना, परिवहन, बिक्री करने पर सख्त कार्रवाई की जाती है। दशहरा त्योहार के मौके पर नीलकंठ को देखने की परंपरा होने से कुछ लोग नीलकंठ पक्षी को बंद करके रखना है। इसलिए पहले से ही पुलिस जागरूकता कार्यक्रम करती आ रही है। एक्ट नाउ सेव नीलकंठ नामक कैंपेन शुरू करके इस पक्षी को बंद करना कानूनी रूप से अपराध है और उल्लंघन करने पर कार्रवाई से नहीं बचेंगे। फिर भी कुछ लोगों द्वारा बंद किए जाने पर पुलिस ने मामला दर्ज किए।
