हैदराबाद : पॉक्सो (POCSO – Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम, 2012 बच्चों को यौन शोषण और उत्पीड़न से बचाने के लिए बनाया गया एक अत्यंत सख्त और विशेष कानून है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों (लड़का या लड़की) पर समान रूप से लागू होता है और इसमें बच्चे की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है) मामले में गिरफ्तार बंडी भगीरथ को मेडचल कोर्ट ने 19 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके चलते पुलिस ने भगीरथ को भारी बंदोबस्त के बीच देर रात चर्लापल्ली जेल भेज दिया है।

इसी क्रम में वकिल करुणासागर ने कहा कि उन्होंने ही स्वयं भगीरथ को पुलिस को सौंपा है। जांच से सभी सच्चाई का खुलासा हो जाएगा। विश्वास है कि भगीरथ निर्दोष बाहर आएगा। इसके साथ तेलंगाना ही पूरे देश में पिछले 8 मई से जारी उथल-पुथल पूर्ण विराम लग गया है।

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विश्लेषकों का मानना है कि अब कानूनी दावपेच की जंग अदालत में होगी। इस मामले में एक तरफ केंद्रीय मंत्री का बेटा और दूसरी तरफ पीड़िता का ताकतवर परिवार है। फिर भी दोनों पक्षों का दावा है कि उन्हें कानून पर भरोसा है। इसीलिए हर सुनवाई पर लोगों की नजर रहेगी।
