हैदराबाद: तिब्बत में भीषण भूकंप आया है। 16 लोगों की मौत हो गई, 30 से ज्यादा घायल हुए हैं। गुरुवार रात रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता से भूकंप के झटके आने से लोग डरकर इधर-उधर भागने गये। बताया गया कि उत्तर तिब्बत के नागचू पर्वतीय क्षेत्र में धरती हिली है। धरती से 10 किलोमीटर गहराई में काउंटी से 70 किलोमीटर दूर भूकंप का केंद्र होने की पहचान की गई है। राजधानी ल्हासा से 400 किमी दूर भूकंप केंद्र है।
बताया जा रहा है कि इन भूकंप के झटकों से तिब्बत में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बिजली के साथ-साथ टेलीकम्युनिकेशन व्यवस्था बाधित हो गई है। भूकंप के समय लोग मकानों से बाहर इधर-उधर भागते पाये गये हे हैं। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गये हैं। भूकंप की तीव्रता को देखते हुए लेवल-2 आपात स्थिति घोषित की गई है, जबकि आपदा प्रबंधन संस्था तुरंत मैदान में उतरकर राहत कार्य कर रही है।

पिछले महीने भी तिब्बत में भूकंप आया था। उस समय रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.3 दर्ज हुई थी। धरती से 35 किलोमीटर गहराई में भूकंप केंद्र की पहचान की गई थी, तिब्बत में आए भूकंप के कारण नेपाल में भी झटके महसूस हुए थे। उससे एक हफ्ते पहले भी तिब्बत में भूकंप आया था। उस समय रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 दर्ज हुई थी। तब धरती से 10 किलोमीटर गहराई में भूकंप केंद्र की पहचान की गई थी। इस तरह दो महीने के भीतर लगातार तिब्बत को भूकंप हिल गया हैं।
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अगस्त महीने में भी अचानक बाढ़ से नेपाल, तिब्बत में भारी जान-माल का नुकसान हुआ था। नेपाल में 1,252 लोग, तिब्बत में 21 लोगों की जान गई थी। इतना ही नहीं 4,700 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। अब तक नेपाल में 4,216 लोगों और तिब्बत में 541 लोगों का पता नहीं चला है। चीन सरकार ने कहा था कि बाढ़ की चपेट में तिब्बत में लापता लोगों में 104 नेपाली नागरिक और 49 भारतीय हैं। उस बाढ़ से उबर रहे समय में फिर से भूकंप हिला रहे हैं।
