हैदराबाद: दुर्गा माता विसर्जन के मद्देनजर शहर में लगाए गए ट्रैफिक प्रतिबंधों ने यात्रियों के लिए भारी परेशानी खड़ी कर दी है। पुलिस ने बताया था कि कुछ इलाकों तक ही ट्रैफिक प्रतिबंध सीमित रहेंगे, फिर भी आज तड़के से दिलसुखनगर में प्राइवेट और RTC बसों को रोक देने से भारी अफरा-तफरी मच गई। शहर के अंदर जाने वाली बसों को वहीं रोककर यू-टर्न कराकर वापस भेजने से बड़ी संख्या में यात्री परेशान हुए। इससे दिलसुखनगर के आसपास वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
दशहरा त्योहार के मौके पर अपने गांव गए कई शहरवासी वापस हैदराबाद लौट रहे हैं, उसी समय यह स्थिति सामने आई। शहर में बसों को अनुमति न देने से यात्रियों को अपना सामान लेकर सड़कों पर ही इंतजार करना पड़ा है। कहां जाना है पता न होने से कई लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं है। बिना पूर्व सूचना के बसों को बीच में ही रोक देने से खासकर परिवारों के साथ यात्रा कर रहे लोग, बुजुर्ग, छोटे बच्चों के साथ आए लोग परेशानी में पड़ गए।
दिलसुखनगर से शहर के अन्य इलाकों में जाने वाले यात्रियों ने मेट्रो ट्रेनों का सहारा लिया। एलबी नगर से सुबह 6 बजे पहली मेट्रो ट्रेन रवाना होने के बाद यात्रियों की भीड़ एकदम बढ़ गई। कूकटपल्ली, मियापुर, पटनचेरु आदि इलाकों में जाने वालों के मेट्रो स्टेशन पहुंचने से दिलसुखनगर मेट्रो स्टेशन खचाखच भर गया। यात्री स्टेशन के बाहर तक लाइनों में खड़े रहे। ट्रेनों में भी भारी भीड़ के बीच यात्रा करनी पड़ी।
इन घटनाक्रमों के बीच यात्रियों ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। कह रहे हैं कि ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए तो पहले से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए, वैकल्पिक रास्ते बताने चाहिए। साथ ही सवाल उठा रहे कि जब शहर में बसों को अनुमति न देने का फैसला किया तो RTC बसों को डिपो से क्यों भेजा गया हैं। चिंता जता रहे हैं कि टिकट खरीदकर यात्रा शुरू करने के बाद गंतव्य तक पहुंचने से पहले बीच में ही उतार दिया तो हमारी स्थिति क्या होगी।
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कई यात्रियों ने गुस्से में कहा कि पुलिस और RTC अधिकारियों के बीच तालमेल न होने से ही ऐसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। त्योहारों के समय यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखकर ट्रैफिक प्रतिबंधों पर पहले से घोषणाएं करने के साथ-साथ बसों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि दुर्गा माता के विसर्जन के प्रबंधन के साथ-साथ लोगों को परिवहन में दिक्कत न हो, इसके लिए पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को तालमेल के साथ कदम उठाने की जरूरत है।
