हैदराबाद: सऊदी अरब और बांग्लादेश देशों के बीच मजबूत धार्मिक, आर्थिक और श्रमिक संबंध हैं। लेकिन हाल ही में सऊदी सरकार ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को बिना किसी पूर्व सूचना के गुप्त रूप से मौत की सजा देना दुनिया भर में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। 14 अक्टूबर को हुई यह घटना फिलहाल बांग्लादेश में भारी आक्रोश का कारण बनी है।
आखिर क्या हुआ था?
सऊदी प्रेस एजेंसी ने घोषित किया कि सऊदी के मक्का शहर की एक मस्जिद में हुए ‘अश्लील कृत्य’ में नज्रुल इस्लाम अब्दुल बासिर (25) और सिती अख्तर नामक दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर मौत की सजा दी गई। कुछ खबरों के अनुसार ये दोनों पवित्र धार्मिक स्थल में किस कर रहे थे और इसलिए उन्हें मौत की सजा दी गई। इस्लामिक कानून के ‘ताजीर’ के तहत जज ने यह सजा तय की। हालांकि वे दोनों विवाहित हैं या सहकर्मी हैं, इस पर स्पष्टता नहीं है। नज्रुल 4 साल पहले सऊदी गया था और मक्का में मस्जिद अल-हरम में मेंटेनेंस कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था। सिती भी वहीं काम कर रही थी।

मौत की सजा पाने वालों के परिवार वाले आरोप लगा रहे हैं कि इसके पीछे बड़ी साजिश है। परिजनों ने बताया कि नज्रुल सऊदी जाने के कुछ महीनों में ही गिरफ्तार हो गया था, जेल से कभी-कभी फोन पर बात करता था। उसके परिजनों का आरोप है काम करने की जगह पर एक पाकिस्तानी नागरिक के साथ नज्रुल का झगड़ा हुआ था, उस व्यक्ति की साजिश की वजह से ही नज्रुल को इस स्थिति का सामना करना पड़ा। सिती के परिवार ने भी दुख व्यक्त किया कि साथी महिला कर्मचारियों के साथ हुए विवाद के कारण उसे फंसाया गया।
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बांग्लादेश सरकार गंभीर
अपने देश के नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने की बात मीडिया के जरिए पता चलने पर ढाका के हलकों ने हैरानी जताई। अपने दूतावास को सूचना दिए बिना, कोर्ट के फैसले की कॉपी दिए बिना सऊदी के यह कदम उठाने पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने गहरी नाराजगी जताई। विशेषज्ञ कह रहे हैं यह वियना कन्वेंशन के नियमों के खिलाफ है। इस घटना पर पूरी जानकारी देने के लिए बांग्लादेश ने सऊदी सरकार से कहा है, लेकिन रियाद से अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

लोगों में गुस्सा
सऊदी सरकार के इस सख्त फैसले पर बांग्लादेश के लोग और सोशल मीडिया यूजर्स भारी नाराजगी जता रहे हैं। छोटी गलती के लिए इतनी कठोर सजा देना अन्याय है। अपने नागरिकों को बचाने में सरकार विफल रही, कहकर नाराजगी जता रहे हैं। सवाल उठा रहे हैं कि श्रीलंका जैसे अन्य देश अपने नागरिकों को मौत की सजा से छूट दिला पाने में सफल रहे तो बांग्लादेश ने प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। फिलहाल यह घटना दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों पर सवाल खड़े कर रही है। शवों को सौंपने और इस गुप्त मौत की सजा पर पूरी जानकारी उजागर करने की मांग पीड़ित परिवारों के साथ-साथ बांग्लादेश कर रहा है।

सोशल मीडिया में रोंगटे खड़े करने वाले खबरें
इस मौत की सजा के संबंध में सोशल मीडिया में रोंगटे खड़े करने वाले खबरें प्रसारित और प्रकाशित हुए है। इन खबरों का सार हैं कि मौत की सजा पाये इन दोनों के सिर को धड़ से अलग कर दिये गये। यदि यह सच है तो सभ्य समाज को कलंकित करने वाली है। सऊदी सरकार दोषी है। इन खबरों में यह भी बताया गया कि उक्त महिला ने वह गर्भवती होने की बात वहां पर काम करने वाले पति को बताई। यह सुनकर वह खुशी नहीं समा पाया और उसे धार्मिक स्थल पर ही किस कर दिया। यह किसी भी हाल में ‘अश्लील कृत्य’ नहीं है।
