नई दिल्ली : कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक बार फिर ऐलान किया कि 11 अक्तूबर को भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। सीजेपी के नेता अजिंक्या शिंदे ने मीडिया से कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में जारी रहेगा। आंदोलनकारी जंतर मंतर तक रैली निकालेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जाती तब तक वही रहेंगे और विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन करेंगे। किसी भी हाल में पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। शिंदे ने कहा कि मोदी की सरकार डर रही है कि हम सभी एक जगह जमा हो जाये तो सरकार पर संकट आएगा।
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साथ ही अजिंक्या ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक अभिजीत दीपके, आशुतोष और सौरव दास का पता नहीं चल पाया है। पिछले 10 घंटे से वो कहां है इसकी जानकारी हमें नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अभिजीत की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का देहांत हो गया।
हालांकि अब तक उनके परिवार या वकील से दीपके से बातचीत करने नहीं दिया है। उनका अंतिम संस्कार 11 अक्टूबर किया जाएगा। दीपके आएंगे या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। आपको बता दें कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के दो अन्य प्रमुख नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली पहुंचने पर विमान के भीतर से हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को आंदोलन आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई।
दीपके ने संभावित गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में कहा कि उनके और अन्य नेताओं के हिरासत में रहने की स्थिति में शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले की औसा तहसील के उजनी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियर के रूप में अपना कॅरियर छोड़कर सामाजिक और राजनीतिक का रास्ता चुना है।
