हैदराबाद: डीजे साउंड के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। गणेश नवरात्रि में डीजे की तेज आवाज भक्तों की जिंदगी में मातम भर रही है। त्योहार के जुलूसों में हद से ज्यादा डीजे शोर बच्चों से लेकर युवाओं तक की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। नियमों के खिलाफ हाई डेसिबल वाले भारी साउंड सिस्टम जान ले रहे हैं। पिछले दो दिनों में तेलुगु राज्यों में पाँच लोगों की जान चली गई। यह सिर्फ तेलुगु राज्यों तक सीमित नहीं है। पूरे देश में यही शोर है। ताजा मामला यूपी के बलरामपुर में ऐसा ही एक और हादसा हुआ।
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में दर्दनाक घटना हुई। गणेश विसर्जन जुलूस में जरूरत से ज्यादा तेज आवाज में बज रहे डीजे की आवाज से डिवाइन पब्लिक स्कूल की 8 साल की बच्ची क्लासरूम में ही अचानक गिर पड़ी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने पहले ही मौत की पुष्टि कर दी। सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई यह घटना अब पूरे देश में हड़कंप मचा रही है।
यह अकेली घटना नहीं है, हैदराबाद के राम नगर में शनिवार रात गणेश आगमन जुलूस में 19 साल के बीटेक छात्र एस. बद्रीनाथ डीजे साउंड पर डांस करते हुए गिरकर मौत हो गई। भारी भीड़, घुटन भरी स्थिति, कान फाड़ देने वाले डीजे शोर के कारण ही बद्रीनाथ की मौत हुई। परिवार वालों ने आरोप लगाते हुए डीजे पर बैन लगाने की पुलिस से अपील की।
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नारायणपेट जिले में शादी समारोह में डीजे पर डांस करते हुए 17 साल के युवक को हार्ट अटैक आया और वह गिर पड़ा। पिछले दो दिनों में ही तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गणेश उत्सव में पाँच लोग हार्ट अटैक से मौत हो गई हैं। वहीं एपी के ताडेपल्लीगुडेम में विनायक विसर्जन समारोह में डीजे गानों पर डांस करते हुए 48 साल के काकरलामूडी येसु की मौत के बाद डीजे पर प्रतिबंध लगाने की मांग बढ़ रही है।
डॉक्टरों के अनुसार 85 डेसिबल से ज्यादा शोर दिल की धड़कन को बिगाड़ देता है। बच्चों, बुजुर्गों और दिल की कमजोरी वालों के लिए यह जानलेवा है। फिर भी नियमों को ताक पर रखकर 100 से 120 डेसिबल पर डीजे बजाए जा रहे हैं। पहले से ही कई जिलों में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। हाई डेसिबल डीजे साउंड सिस्टम पर बैन लगाया जा रहा है। लेकिन परमिशन देने, चेकिंग न होने से ऐसे हादसे हो रहे हैं। डीजे कंट्रोल पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
