हैदराबाद : तेलंगाना सिटिजन्स काउंसिल राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. राजनारायण मुदिराज ने कहा कि न्याय को बढ़ावा देने, पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करने और न्याय सुनिश्चित करने के प्रयासों को समर्थन देने के उद्देश्य से 17 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है। राजनारायण ने बुधवार को तेलंगाना हाईकोर्ट परिसर में अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि “एक भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए” का सिद्धांत न्याय व्यवस्था की आधारशिला है।
इस अवसर पर तेलंगाना हाईकोर्ट के सरकार के प्रमुख अधिवक्ता एस. एल. श्रीनिवासुलु गौड़ ने कहा कि वर्तमान समय में न्याय व्यवस्था ने आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए कई कानूनों को सुलभ बनाया है। उन्होंने आगे कहा कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष जारी रखना तथा विभिन्न त्रासदियों और अत्याचारों के पीड़ितों को न्याय दिलाना इस दिवस के महत्व को दर्शाता है।

एसोसिएशन ऑफ साउथ इंडिया एडवोकेट्स के अध्यक्ष एवं हाईकोर्ट के सरकारी वकील सी. एस. सुमन ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य लोगों में न्याय के प्रति जागरूकता पैदा करना, उन्हें एकजुट होकर न्याय के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करना तथा पीड़ितों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए जागरूक करना है।
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इस अवसर पर पिछले 30 वर्षों से लगातार लोगों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने वाले तेलंगाना हाईकोर्ट के सरकारी अधिवक्ता एस. एल. श्रीनिवासुलु गौड़ का सम्मान किया गया। इसके साथ ही पिछले 21 वर्षों से लगातार लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने वाले तेलंगाना हाईकोर्ट के पब्लिक प्लीडर एस. सुमन तथा असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर श्रीमती जी. विजय कुमारी को भी शॉल और पुष्पमाला पहनाकर भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर हाईकोर्ट के प्रमुख अधिवक्ता सी. एच. सांसंग बाबू, प्रमुख अधिवक्ता मोहम्मद अख्तर शरीफ, सी. वी. नरसिम्हा तथा संस्था के कोऑर्डिनेटर जी. वेणुगोपाल सहित अन्य लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया और एस. एल. श्रीनिवासुलु गौड़ एवं एस. सुमन को बधाई दी।

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