34 साल तक भूमिगत काम करके महिला नक्सली सुशीला रानी ने निजामाबाद सीपी के सामने किया आत्मसमर्पण, पढ़ें उनके जीवन के उतार-चढ़ाव

(याटकरला मल्लेश मुदिराज की रिपोर्ट)

प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) पार्टी की वरिष्ठ अंडरग्राउंड कैडर और डिविजन कमेटी सदस्य नक्का सुशीला रानी उर्फ लता (ललिता, रेला, ज्योति, माधवी, श्वेता) ने मंगलवार को निजामाबाद पुलिस कमिश्नर पी. साई चैतन्य के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 34 साल के भूमिगत जीवन को खत्म कर वह जनजीवन की मुख्यधारा में आ गईं।

निजामाबाद सीपी कार्यालय के कमांड कंट्रोल हॉल में प्रेस मीट कर सीपी साई चैतन्य ने ये जानकारी दी। बोधन शक्करनगर की रहने वाली सुशीला ने 1990 जुलाई में तत्कालीन कंगाल दल के सचिव सुंकरा राममोहन राव से शादी की और 1992 फरवरी में सीपीआई-एमएल पीपुल्स वार में शामिल होकर अंडरग्राउंड चली गईं। हैदराबाद में बीएससी पूरी करके नागार्जुनसागर सरकारी बीएड कॉलेज में दाखिला लिया था, लेकिन फाइनल परीक्षा नहीं दी।

1996 में एरिया कमेटी सदस्य और 2002 में डिविजन कमेटी सदस्य के तौर पर आगे बढ़ीं। तत्कालीन आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। मोबाइल एकेडमिक स्कूल, मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल जैसी शिक्षा और राजनीतिक ट्रेनिंग टीमों में काम किया। 2014 से 2025 जनवरी तक छत्तीसगढ़ माड़ डिविजनल कमेटी में एजुकेशन डिपार्टमेंट कमेटी सदस्य के तौर पर रहीं।

1998 में नल्लमला में मुठभेड़ में बाएं पैर में चोट लगी, जांघ की हड्डी में रॉड डाली गई। उसके बाद मिलिट्री विंग में जारी नहीं रख पाईं, लेकिन बीमारी और चोटों के बीच ही माड़ इलाके में अंडरग्राउंड कैडर के तौर पर काम करती रहीं। पहले पति राममोहन राव की 2001 में नल्लमला में एनकाउंटर में मारे गए। मार्च 2004 में राज्य कमेटी सदस्य सामल वेंकटेश्वरलु उर्फ मल्लन्ना से शादी की। वह भी 2006 में एनकाउंटर में मारे गए।

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सुशीला ने बताया कि स्वास्थ्य समस्याओं और सरकार के दबाव बढ़ने की वजह से ही आत्मसमर्पण किया। तेलंगाना सरकार की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के अनुसार सीपी साई चैतन्य ने उन्हें 5 लाख रुपये का चेक और 25 हजार रुपये की अस्थायी सहायता दी। बाकी फायदे भी मिलेंगे।

इस साल अब तक तेलंगाना में 266 अंडरग्राउंड माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें 3 केंद्रीय कमेटी सदस्य, 12 राज्य कमेटी सदस्य, एक क्षेत्रीय कमेटी सदस्य, 25 डिविजनल कमेटी सचिव/सदस्य, 94 एरिया कमेटी सदस्य, 131 सामान्य कैडर शामिल हैं। सीपी ने कहा कि सुशीला के आत्मसमर्पण से पार्टी की पुनर्निर्माण क्षमता और कमजोर हो गई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल तेलंगाना के सिर्फ मु्प्पाला लक्ष्मण राव (गणपति), जड़े रत्नाबाई (सुजाता) और वार्ता शेखर (मंगू) ही दूसरे राज्यों में भूमिगत हैं। बाकी माओवादियों से भी सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ उठाकर मुख्यधारा में आने की अपील की।

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