दुबई : महिला एशिया कप 2026 में बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचने वाली टीम इंडिया ने खिताबी मुकाबले से पहले पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। खबरें आ रही हैं कि बीसीसीआई ने ऐसा फैसला लिया है कि दुबई में होने वाले फाइनल में जीत के बाद भी भारतीय टीम एशिया कप ट्रॉफी और प्राइज मनी नहीं लेगी।
प्राइज मनी के मामले में बीसीसीआई ने शुरू से ही एक ही कूटनीतिक नीति पर चलता आ रहा है। एशिया कप में जीतने वाली प्राइज मनी को अपने पास रखने के बजाय एशिया के अन्य छोटे देशों के क्रिकेट बोर्डों के विकास के लिए पूरी तरह दान कर देना भारतीय क्रिकेट बोर्ड की आदत रही है। इस बार भी फाइनल में जीत से मिलने वाली पूरी रकम को डोनेट करने के लिए बोर्ड तैयार है। हालांकि, असली विवाद विजेता को दी जाने वाली एशिया कप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर है।

एशिया क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष के तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चीफ मोहसिन रजा नकवी फाइनल के बाद विजेता को ट्रॉफी देने के लिए दुबई आएंगे। लेकिन मोहसिन नकवी सिर्फ पीसीबी चीफ ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्री के तौर पर भारत के खिलाफ लगातार जहर उगलते रहते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच भारी सैन्य तनाव की स्थिति में, नकवी से हाथ मिलाने (शेक हैंड) या उनके हाथों से ट्रॉफी लेने से टीम इंडिया ने साफ इनकार कर दिया है।
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इससे पहले पुरुषों के एशिया कप के दौरान भी मोहसिन रजा नकवी के हाथों से विजेता ट्रॉफी लेने से भारतीय टीम ने इनकार कर हड़कंप मचा दिया। देश के हित और आर्मी के सम्मान से बड़ी ट्रॉफी नहीं है, यह साबित करते हुए अब टीम इंडिया की वुमेन्स टीम भी उसी रास्ते पर चलने वाली है। यह बीसीसीआई की हिम्मत को दिखाता है कि उसने पड़ोसी देश के रिप्रेजेंटेटिव को बुरी तरह हराया तो मैच जीतने के बाद भी बिना ट्रॉफी के घर लौटने की तैयारी कर ली है।
