हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से भारी बवाल मचा रहे कोंडा सुरेखा एपिसोड का आखिरकार अंत हो गया। विवादास्पद घटनाक्रम के बीच कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करते हुए कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सनसनीखेज फैसला लिया। सुरेखा को मंत्रिमंडल से तुरंत हटाने की मांग करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी द्वारा भेजा गया पत्र लोक भवन पहुंच गया है। इस प्रस्ताव पर राज्यपाल का आधिकारिक फैसला लेना ही बाकी है। यह एक औपचारिकता मात्र बचा है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के इस कड़े फैसले से तेलंगाना की राजनीति में एक दुर्लभ रिकॉर्ड बन गया है। 2014 में तेलंगाना राज्य बनने के बाद मंत्रिमंडल से हटाई जाने वाली तीसरी मंत्री के रूप में और मौजूदा कांग्रेस सरकार में पहली मंत्री के रूप में कोंडा सुरेखा रहेंगी। इतना ही नहीं, राज्य में बर्खास्त होने वाली पहली महिला मंत्री के रूप में भी कोंडा सुरेखा इतिहास में दर्ज होंगी।
पृथक तेलंगाना बनने के बाद कैबिनेट से मंत्रियों को हटाया जाना यह तीसरी बार है। तेलंगाना बनने के बाद बीआरएस के पहले कार्यकाल की सरकार में डॉ. ताटीकोंडा राजय्या को 2015 में तत्कालीन सीएम केसीआर ने बर्खास्त किया था। तत्कालीन बीआरएस सरकार में पहले उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री के रूप में रहे राजय्या पर भ्रष्टाचार के आरोप आने के बाद यह कार्रवाई की गई थी।
उसके बाद बीआरएस की दूसरी बार की सरकार में मई 2021 में ईटला राजेंदर को भी केसीआर ने बर्खास्त किया था। स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए ईटला पर असाइंड जमीनों पर कब्जे के आरोप आने के बाद उन्हें भी कैबिनेट से हटा दिया गया था। हालांकि अब तक बर्खास्त हुए तीनों में से राजय्या, ईटेला राजेंदर दोनों स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम करते हुए कार्रवाई का शिकार हुए, जबकि कोंडा सुरेखा धर्मस्व विभाग का पदभार करते हुए कार्रवाई की शिकार हुईं।
कोंडा सुरेखा की प्रतिक्रिया
इस पर कोंडा सुरेखा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें बर्खास्त करने के फैसले का वह खंडन कर रही हैं। “बर्खास्तगी के फैसले से पहले मेरा स्पष्टीकरण लेना चाहिए था। मेरी बेटी एक स्वतंत्र महिला है। उसके बयानों के लिए मुझे कैसे जिम्मेदार ठहराएंगे? मेरी बेटी के बयानों का मैं खंडन करने की जरूरत नहीं है। उसकी निजी राय को गलत ठहराने का अधिकार मुझे नहीं है। कांग्रेस आलाकमान को मैंने जो पत्र दिया है उसे मीडिया के लिए जारी कर रही हूं। जग्गा रेड्डी, विधायक कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी द्वारा की गई टिप्पणियों पर क्या फैसला लिया गया? मुझे लगता है कि मुझ पर बदले की भावना से कार्रवाई की गई है।
मेरी वजह से तीन बीसी महिलाओं को पद मिलना खुशी की बात है। मेरे लिए चिन्ना रेड्डी पर कार्रवाई करना ठीक नहीं है। इस्तीफा देने के लिए मुझसे किसी ने नहीं कहा। मैंने कोई गलती नहीं की है। मुझे कोई पछतावा नहीं है। सीएम रेवंत को आत्ममंथन करना चाहिए। वाईएसआर के बाद मैंने रेवंत को ही सबसे ज्यादा पसंद किया है। भविष्य की कार्ययोजना पर अभी तक सोचा नहीं है,” कोंडा सुरेखा ने कहा।
