सावन के अंतिम सोमवार पर महामृत्युंजय यज्ञ का भव्य आयोजन, आपने किया संचालन और दिया यह संदेश

बेंगलुरु : सावन के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर ब्रिगेड पार्कसाइड ईस्ट में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत महामृत्युंजय यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र तथा भगवान शिव के विशेष स्वाहाकार मंत्रों के साथ यज्ञाग्नि में आहुतियां समर्पित कीं। इस यज्ञ का संचालन अतुल कपूर ने वैदिक विधि-विधान के साथ किया।

उन्होंने यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की ऐसी प्राचीन परंपरा है, जो वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ व्यक्ति के भीतर सकारात्मक एवं सृजनात्मक ऊर्जा का संचार करती है। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव की आराधना और महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ यज्ञ का आयोजन विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। यज्ञ की व्यवस्थाओं में रेखा सक्सेना, आशा गुप्ता, रजनी, अनु सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहयोग किया। सभी ने मिलकर आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया, जिससे यज्ञ एवं पूजन कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।

कृष्णनेंदु राय ने मुख्य याजक के रूप में विधिवत पूजन-अर्चन कराया तथा यज्ञ में पूर्णाहुति प्रदान की। वहीं गोविंद रविशंकर एवं अपर्णा ने भगवान शिव का आवाहन कर विशेष पूजन संपन्न कराया। शिव आवाहन के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान महादेव का स्मरण किया और सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की। यज्ञ के दौरान वातावरण गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र के सामूहिक उच्चारण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञाग्नि में आहुतियां अर्पित कीं। देवाधिदेव महादेव को समर्पित विशेष स्वाहाकार मंत्रों के माध्यम से भी श्रद्धालुओं ने आहुतियां प्रदान कीं।

यह भी पढ़ें-

आयोजकों के अनुसार वर्तमान समय में प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से समाज एवं प्रकृति की रक्षा तथा सकारात्मक ऊर्जा के संवर्धन के उद्देश्य से यज्ञ में विशेष आहुतियां दी गईं। साथ ही सृजनात्मक शक्ति, सद्बुद्धि, आत्मबल और सामूहिक कल्याण की प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने महामृत्युंजय मंत्र की आध्यात्मिक शक्ति का स्मरण करते हुए भगवान शिव से सभी के जीवन में आरोग्य, शांति, सुरक्षा और सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। पूर्णाहुति, आरती और शांति पाठ के साथ यज्ञ का समापन हुआ।

One thought on “सावन के अंतिम सोमवार पर महामृत्युंजय यज्ञ का भव्य आयोजन, आपने किया संचालन और दिया यह संदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

Archives

Categories

Meta

'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

X