हैदराबाद : साहित्य सेवा समिति की 136वीं मासिक बैठक का आयोजन 7 जून को महामंत्री साहित्य सेवा समिति ममता जायसवाल की उपस्थिति में किया गया। गोष्ठी दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र में विषय पर चर्चा तथा द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी में सम्मानित कवि गणों ने अपनी-अपने काव्य रचनाओं को प्रस्तुत किया। गोष्ठी के दोनों सत्रों की अध्यक्षता का कार्यवहन समिति के उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश दायमा ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती संगीता द्वारा सरस्वती वंदना गीत प्रस्तुत किया गया।

साहित्य सेवा समिति द्वारा चर्चा के लिए जो विषय रखा गया। महामंत्री श्रीमती ममता जायसवाल द्वारा उसकी विषय प्रस्तावना प्रस्तुत की गई। इसमें उन्होंने “हिंदी और उर्दु काव्य की विविध काव्य विधाओं” से परिचित करवाया। आचार्य प्रताप ने हिंदी काव्य की विविध काव्य विधाओं पर सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए काव्य विधान के परिचय सहित गुण दोष का संश्लेषण बखूबी से अपने निजी अनुभव प्रस्तुत किया। सुनीता लुल्ला ने विविध काव्य विधाओं पर चर्चा करते हुए हिंदी व उर्दू काव्य विधा में समानताएं व विषमताएं भी विभिन्न उदाहरणों द्वारा प्रस्तुत की। दर्शन सिंह, उमा देवी सोनी, संगीता और अन्य ने भी विषयगत विशेषताओं को प्रस्तुत किया।
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प्रथम सत्र का संचालन श्रीमती ममता जायसवाल तथा द्वितीय सत्र काव्य गोष्ठी का कुशल संचालन श्रीमती गीता अग्रवाल द्वारा किया गया। काव्य गोष्ठी में विनीत शर्मा, उमेश चंद्र यादव, संगीता, दर्शन सिंह, उमा देवी सोनी, सीमा जख्वाल दामिनी, रचना चतुर्वेदी, बैजनाथ सुनहरे, डॉ सुषमा देवी, हर्षलता दुधोडिया, तसलीमा फातिमा, गीता अग्रवाल, ममता कुमारी जायसवाल, सुनीता लुल्ला, चंद्रप्रकाश दायमा, श्रुतिकांत भारती, तृप्ति मिश्रा, रेखा अग्रवाल वर्षा शर्मा, आचार्य प्रताप, के. पी. अग्रवाल, जी. परमेशवरन ने अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति की। चंद्र प्रकाश दायमा के अध्यक्षीय उद्बोधन के उपरांत उमेश चंद यादव के धन्यवाद ज्ञापन द्वारा गोष्ठी का समापन किया गया।
