हैदराबाद: तेलंगाना ही पूरे देश में हड़कंप फैलाने वाले बंडी भगीरथ पॉक्सो मामले में पुलिस ने जांच और तेज कर दी है। इस केस में मुख्य आरोपी बंडी भगीरथ के 16 मई की रात पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद पीड़िता के बयान और उसकी मां की आधिकारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने भागीरथ से लंबी पूछताछ की।
पूछताछ में भगीरथ द्वारा बताए गए विवरणों को पीड़िता के स्टेटमेंट से मिलाकर पुलिस ने आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर रिमांड पर भेज दिया। हालांकि यह केस सिर्फ भागीरथ तक ही सीमित नहीं है। इस अपराध के पीछे और लोगों की भूमिका पर अब पुलिस ने फोकस किया है।
पूछताछ के दौरान पता चला है कि पीड़िता के साथ अपराध होने के समय आरोपी भगीरथ के दोस्त भी वहीं मौजूद थे। इतना ही नहीं, पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में बताया है कि घटना के बाद इस मामले को बाहर आने से रोकने, समझौता कराने के लिए उन्होंने काफी कोशिश की। इस सेटलमेंट मामले में शामिल करीब 10 लोगों के नाम उसने पुलिस को सौंपे हैं।
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इसी क्रम में केस से जुड़ी और अहम जानकारी जुटाने के लिए भागीरथ के दोस्तों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। आरोपी की मदद किसने की? समझौते के लिए धमकी किसने दी? इन पहलुओं पर पुख्ता सबूत जुटाने में पुलिस लगे हुए हैं।
दूसरी ओर मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक और सेक्शन जोड़ा है। पीड़िता के साथ भगीरथ ने अनेक बार दुष्कर्म किये जाने के चलते बीएनसस 64(2) 74, 75, पॉक्सो अधिनियम सेक्शन जोड़ा है। आरोप सिद्ध होता है तो आरोपी को 10 साल की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पहले ही बीएनएस 74, 75 पॉक्सो अधिनियम सेक्शन 5 (1) रेड विद 6 के तहत मामला दर्ज किया है।
