हैदराबाद : तेलुगु फिल्म ’23’ (IRAVAI MOODU) को तेलंगाना गद्दर स्पेशल जूरी अवॉर्ड दिए जाने के मौके पर ‘एक विश्लेषण और तेलुगु सिनेमा की ज़िम्मेदारी’ विषय पर एक परिचय कार्यक्रम का भव्य आयोजन प्रेस क्लब सोमाजीगुडा में किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता के रूप में तेलंगाना जेलों के महानिदेशक डॉ सौम्या मिश्र, माभूमि फिल्म के निर्देशक बी नरसिंग राव, उस्मानिया विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त मनोवैज्ञानिक प्रो बीना चिंतलपुरी, तेलंगाना स्टडी सर्कल के निदेशक डॉ हरिकृष्ण मामडी, फिल्म निर्देशक राज राचकोंडा, महुआ टीवी प्रमुख वनजा, वरिष्ठ पत्रकार भरद्वाज और अन्य ने संबोधित किया।


वक्ताओं ने कहा कि फिल्म ’23’ (IRAVAI MOODU) ने समाज को यह संदेश दिया है कि बेकसूर और गरीब लोगों को कैसे सजा होती हैं और अपराधी और अमीर लोग कैसे निर्दोष छूट जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को क्या क्या कदम उठानी चाहिए। सभी वक्ताओं ने उत्तम फिल्म का निर्माण करने के लिए निर्देशक राज राचकोंडा को बधाई दी है। साथ ही वक्ताओं ने दर्शकों से ’23’ (IRAVAI MOODU) फिल्म देखने का सुझाव दिया।


गौरतलब है कि यह फिल्म ’23’ एक सोशल ड्रामा है। इसमें असली ज़िंदगी की दुखद घटनाओं से प्रेरित तीन कहानियों को दिखाया गया हैं। एक 1991 का सुंडुरु (Tsunduru) हत्याकांड, 1993 का चिलकलुरिपेट बस दहन और 1997 का हैदराबाद के फिल्मनगर में हुए बम विस्फोट की घटनाओं का प्रमुखता से उल्लेख किया गया। फिल्म ’23’ (IRAVAI MOODU) अमेज़न प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) ओटीटी पर उपलब्ध है।
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