हैदराबाद : हैदराबाद स्थित आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) में 25 मार्च को आयोजित समारोह में संस्थान की निदेशक महोदया डॉ. भारती कुलकर्णी की करकमलों से हिन्दी कार्यशाला में प्रशिक्षित कर्मचारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रशासनिक एवं भंडार अनुभाग के स्टाफ के लिए 10 से 18 मार्च तक भारती: बहुभाषी अनुवाद सारथी’ पर एक विशेष अनुवाद कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में 26 कर्मचारियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्टाफ को अनुवाद उपकरणों की सहायता से अनुवाद में दक्ष बनाना तथा राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को और बढ़ाना है।
राजभाषा सलाहकार श्रीरामाराव एवं वी. संतोषी दीपिका के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अनुवाद तकनीकों, भाषा की सूक्ष्मताओं तथा प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी के प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। समारोह का शुभारंभ डॉ. सुब्बाराव एम. गवरवरपु, वैज्ञानिक – जी / संयोजक, राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने किया। उन्होंने यह कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन सभी प्रशिक्षणार्थियों का दायित्व है और राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु कार्य करने का सलाह दी।
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संस्थान की निदेशक महोदया डॉ. भारती कुलकर्णी जी ने अपने करकमलों से सभी प्रशिक्षित स्टाफ को प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने उनके संबोधन में प्रतिभागियों को अपने कार्य में हिन्दी का प्रयोग बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह कहा कि अपने दैनंदिन कार्य में राजभाषा हिन्दी का प्रयोग बढ़ाएं। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई दी। इस आयोजन ने न केवल स्टाफ को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया बल्कि हिन्दी अनुवाद के प्रति उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया। प्रमाण पत्र वितरण समारोह के आयोजन में संस्थान के राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्यों का भी सराहनीय योगदान रहा।
