हैदराबाद : भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत उपक्रम मिश्र धातु निगम लिमिटेड (मिधानि) में हिंदी दिवस 2025 के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदी माह के समापन समारोह में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल शर्मा (प्रोफेसर भाषा विज्ञान, अरबा मिंच विश्व विद्यालय इथियोपिया, अफ्रिका) ने ‘संविधान में राजभाषा का प्रस्ताव और दक्षिण भारतीयों का योगदान’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एस वी एस नारायण मूर्ति ने की। अवसर पर उद्यम के निदेशक (वित्त) के. मधुबाला, निदेशक (उत्पादन एवं विपणन) पी. बाबू भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल शर्मा ने बताया कि हिंदी को राजभाषा बनाने का निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और भाषाई संतुलन का परिणाम था। उन्होंने संविधान का प्रारूप तैयार करने में दक्षिण भारतीय बेनगल नरसिम्हा राव का स्मरण करते हुए कहा कि दक्षिण भारतीय विद्वानों ने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और भाषाई विविधता का सम्मान सुनिश्चित किया। डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि मोटूरि सत्यानारायण की भूमिका विशेष रूप से रेखांकित की, जो भाषा समिति के प्रथम अध्यक्ष थे और हिंदी के पक्ष में प्रभावी तर्क प्रस्तुत कर, संतुलित हिंदी-अंग्रेज़ी नीति बनाने में अग्रणी रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. एस वी एस नारायण मूर्ति ने उपस्थित मिधानि के कर्मचारियों और बीपीडीएवी स्कूल के छात्रों को संबोधित करते हुए सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अस्मिता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने उल्लेख किया कि संविधान सभा द्वारा 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिए जाने के महत्व को हमें सतत याद रखना चाहिए। सीएमडी ने बताया कि आज हिंदी वैश्विक स्तर पर प्रमुख भाषाओं में शुमार है और डिजिटल युग ने इसकी पहुँच को और विस्तृत किया है। विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में हिंदी के उपयोग को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा में वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध होने से समाज का बड़ा वर्ग लाभान्वित होता है।
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उन्होंने मिधानि में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, विशेषकर तकनीकी संगठन होने और ‘ग’ क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद। कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएँ और प्रोत्साहन योजनाएँ हिंदी के प्रति आत्मीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। सीएमडी ने संकल्प व्यक्त किया कि प्रशासनिक, तकनीकी और वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी के उपयोग को और गति दी जाएगी, ताकि यह न केवल परंपरा की भाषा, बल्कि भविष्य की प्रगति की आधारशिला भी बने। अंत में उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी।

इसके अलावा एन. गोपालस्वामी आयंगर, टी. ए. रामलिंगम चेट्टियार, टी. टी. कृष्णमाचारी जैसे अन्य दक्षिण भारतीय विद्वानों ने हिंदी के समर्थन, संतुलित नीति और व्यावहारिक दृष्टिकोण को सुनिश्चित करने में योगदान दिया। उन्होंने दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा की भूमिका का भी उल्लेख किया, जिसने दक्षिण भारत में हिंदी शिक्षा और प्रचार के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन बनाया। अंत में डॉ. शर्मा ने कहा कि राजभाषा नीति की सफलता दक्षिण भारत के विद्वानों और संस्थाओं के दूरदर्शी योगदान का परिणाम है और इसे याद रखना हमारी भाषाई और संवैधानिक एकता को सम्मान देना है।

समारोह के दौरान के. मधुबाला, निदेशक (वित्त) और पी. बाबू, निदेशक (उत्पादन एवं विपणन) के करकमलों से 18 सितंबर से 18 अक्तूबर तक आयोजित हिंदी माह 2025 के दौरान आयोजित हिंदी टंकण, वाक्, शब्दावली-टिप्पण-टिप्पण, निबंध, अविस्मरणी स्मृतियों के झरोखे से, एक भारत-श्रेष्ठ भारत, गायन तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। दोनों ही निदेशकों ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ दी।

कार्यक्रम में माननीय गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के संदेशों का वाचन क्रमशः शुभदीप घोष, अपर महाप्रबंधक (प्रभारी, क्रय) और निशांक कुमार जैन, अपर महाप्रबंधक (टाइटेनियम, आईसीपी एवं ईबीएम) ने किया। अवसर पर डॉ. जीआर प्रवीण ज्योति, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, गरिमा ओझा, सहायक प्रबंधक (वित्त) और उमेंद्र सिंह, वरिष्ठ तकनीकी सहायक (वाइड प्लेट मिल) ने मिधानि में आयोजित हिंदी दिवस, हिंदी के प्रचार-प्रसार और हिंदी विभाग की कार्यशैली में टिप्पणियाँ प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मिधानि के कर्मचारी साईंबाबा, गौतमी पी. वर्षा, के. सुरेखा, नागराजू और विजयनाथ कुशवाह ने हिंदी गीत गाए और डॉ. बी. बालाजी ने हास्य-व्यंग्य कविता का पाठ किया।

समापन समारोह का आरंभ बीपीडीएवी स्कूल के छात्रों द्वारा हिंदी भाषा पर आधारित गीत से किया गया और समापन राष्ट्र गान से हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बी. बालाजी, प्रबंधक (हिंदी अनुभाग एवं निगम संचार) ने किया और आयोजन में हिंदी अनुभाग के कर्मी रत्नकुमारी, कनिष्ठ कार्यापलक और विकास आजाद, हिंदी अनुवादक की सक्रिय भूमिका रही।




రాజ్యాంగంలో అధికారిక భాషా ప్రతిపాదన మరియు దక్షిణ భారతీయుల సహకారం పై మిధానిలో ఉపన్యాసం
హైదరాబాద్ : 2025 హిందీ దివస్ సందర్భంగా మిష్రా ధాతు నిగమ్ లిమిటెడ్ (మిధాని), భారత ప్రభుత్వ రక్షణ మంత్రిత్వ శాఖ అనుబంధ సంస్థ, ‘రాజ్యాంగంలో అధికారిక భాషా ప్రతిపాదన మరియు దక్షిణ భారతీయుల సహకారం’ అనే అంశంపై ప్రత్యేక ఉపన్యాసం నిర్వహించింది. ఈ కార్యక్రమంలో ఆఫ్రికాలోని ఇథియోపియాలోని అర్బా మించ్ విశ్వవిద్యాలయంలో భాషాశాస్త్ర ప్రొఫెసర్ డాక్టర్ గోపాల్ శర్మ, ముఖ్య అతిథిగా పాల్గొన్నారు.

ఈ కార్యక్రమానికి మిధాని ఎంటర్ప్రైజ్ చైర్మన్ మరియు మేనేజింగ్ డైరెక్టర్ డాక్టర్ ఎస్.వి.ఎస్. నారాయణ మూర్తి అధ్యక్షత వహించగా, డాక్టర్ గోపాల్ శర్మ ముఖ్య అతిథిగా హాజరయ్యారు. డైరెక్టర్ (ఫైనాన్స్) కె. మధుబాల మరియు డైరెక్టర్ (ఉత్పత్తి మరియు మార్కెటింగ్) పి. బాబు కూడా ఈ కార్యక్రమంలో పాల్గొన్నారు.

బిపిడిఎవి స్కూల్ విద్యార్థులు మరియు మిధాని ఉద్యోగులను ఉద్దేశించి డాక్టర్ ఎస్.వి.ఎస్. నారాయణ మూర్తి హిందీ దివస్ శుభాకాంక్షలు తెలియజేశారు. ఆయన హిందీ కేవలం ఒక కమ్యూనికేషన్ మాధ్యమం మాత్రమే కాకుండా, భారతీయ సంస్కృతి, గుర్తింపు మరియు ఐక్యతకు చిహ్నంగా ఉందని తెలిపారు. 1949 సెప్టెంబర్ 14న రాజ్యాంగ సభ హిందీని అధికారిక భాషగా గుర్తించిన ప్రాముఖ్యతను ఆయన గుర్తుచేసుకున్నారు.

సాంకేతిక రంగంలో హిందీ వాడకం పెరిగినట్లు, సమాజానికి హిందీలో శాస్త్రీయ సమాచారం లభించడం ఎంతో
మేలుచేయుతున్నదని ఆయన చెప్పారు. ‘మిధానిలో అధికారిక భాషగా హిందీని సమర్థవంతంగా అమలు చేయడం ముఖ్యమైన విజయమని, ఉద్యోగుల కోసం నిర్వహించిన శిక్షణ, పోటీలు మరియు ప్రోత్సాహ పథకాలు ఈ విజయానికి కారణం’ అని ఆయన వ్యాఖ్యానించారు.

డాక్టర్ గోపాల్ శర్మ తన ఉపన్యాసంలో, హిందీని అధికారిక భాషగా చేయడం అనేది పరిపాలనిక నిర్ణయం మాత్రమే కాకుండా, జాతీయ ఐక్యత మరియు భాషా సమతుల్యత కోసం తీసుకున్న సాంకేతిక నిర్ణయం అని వివరించారు. ‘దక్షిణ భారతీయులు రాజ్యాంగ రూపకల్పనలో గణనీయమైన పాత్ర పోషించారు. ముఖ్యంగా మోటూరి సత్యనారాయణ గారు సమతుల్య హిందీ-ఇంగ్లీష్ విధానాన్ని రూపొందించడంలో కీలకంగా వ్యవహరించారు’ అని ఆయన అన్నారు. దక్షిణ భారతదేశంలోని పండితులు హిందీకి అనుకూలంగా చేపట్టిన కార్యక్రమాలు, దక్షిణ భారత్ హిందీ ప్రచార సభ పాత్రను ఆయన ప్రత్యేకంగా పేర్కొన్నారు.
ఈ సందర్భంగా, 2025 హిందీ నెల (సెప్టెంబర్ 18 – అక్టోబర్ 18)లో నిర్వహించిన హిందీ టైపింగ్, స్పీచ్, పదజాలం-నోట్-నోట్, వ్యాస రాసుకోవడం, మరపురాని జ్ఞాపకాలు, ఏక్ భారత్-శ్రేష్ఠ భారత్, గానం మరియు క్విజ్ పోటీల విజేతలకు డైరెక్టర్లు కే. మధుబాల మరియు పి. బాబు నగదు బహుమతులను అందజేశారు. ఈ కార్యక్రమంలో, గౌరవనీయ హోంమంత్రి మరియు రక్షణ మంత్రి సందేశాలను అదనపు జనరల్ మేనేజర్ శుభదీప్ ఘోష్ మరియు నిశాంక్ కుమార్ జైన్ వరుసగా చదివారు.
డాక్టర్ జి. ఆర్. ప్రవీణ్ జ్యోతి, గరిమా ఓజా మరియు ఉమేంద్ర సింగ్ మిధానిలో హిందీ దినోత్సవ వేడుకలు, హిందీ ప్రచారం మరియు హిందీ విభాగం పనితీరుపై తమ అభిప్రాయాలు వ్యక్తం చేశారు. సాంస్కృతిక కార్యక్రమంలో మిధాని ఉద్యోగులు సాయి బాబా, గౌతమి పి. వర్ష, కె. సురేఖ, నాగరాజు మరియు విజయనాథ్ కుష్వాహా హిందీ పాటలు పాడారు, మరియు డాక్టర్ బి. బాలాజీ హాస్యభరితమైన కవితను పఠించారు.
ఈ వేడుకలు బిపిడిఎవి పాఠశాల విద్యార్థుల హిందీ పాటతో ప్రారంభమై, జాతీయ గీతంతో ముగిసాయి. హిందీ విభాగం కార్పొరేట్ కమ్యూనికేషన్స్ మేనేజర్ డాక్టర్ బి. బాలాజీ ఈ కార్యక్రమాన్ని నిర్వహించారు, హిందీ విభాగం సిబ్బంది రత్నకుమారి మరియు వికాస్ ఆజాద్ ఈ కార్యక్రమంలో చురుకైన పాత్ర పోషించారు.
