हैदराबाद : प्रमुख साहित्यकार डॉ येनुगु नरसिम्हा रेड्डी को तेलंगाना सांस्कृतिक विभाग के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। इनकी नियुक्त पर तेलंगाना साहिति खम्मम जिले के प्रमुख कपिल राम कुमार, कवियात्रा के संस्थापक अध्यक्ष कारम शंकर और अन्य साहित्यिकारों ने बधाई दी है।
आपको बता दें कि यादाद्री भुवनगिरी जिले के रामन्नापेट मंडल के इन्नारम गांव में 6 अप्रैल 1968 को नरसिम्हा रेड्डी का जन्म हुआ। इनके पिता का नाम कृष्ण रेड्डी और माता का नाम लक्ष्मम्मा है। इनकी प्राथमिक शिक्षा नलगोंडा जिले के चिट्याल जेडपीएचएस में हुई। इंटर की पढ़ाई गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज रामन्नापेट और स्नातक की पढ़ाई गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज नलगोंडा में हुई। इसके बाद एमए, एमफिल और पीएचडी पोट्टि श्रीरामुलू तेलुगु विश्वविद्यालय से की।
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पढ़ाई के बाद साल 1995 में डिप्टी तहसीलदार ग्रेड-II के रूप में सरकारी कर्मचारी बनें। साल 2000 में तहसीलदार के रूप में पदोन्नति हुई। साल 2011 में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदोन्नति मिली। साल 2017 में स्पेशल ग्रेड डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदोन्नति हुई। तत्पश्चात अतिरिक्त जिलाधीश (राजस्व) मेडचल-मलकाजगिरी जिला, अतिरिक्त जिलाधीश (एलबी) करीमनगर, तेलंगाना साहित्य एकाडेमी के सचिव, एसजीडीसी लैंड प्रोटेक्शन रंगारेड्डी जिला, आरडीओ कंदूर रंगारेड्डी जिला, डिप्टी कलेक्टर एंड तहसीलदार बालानगर, एसडीसी केआरसी हैदराबाद, तहसीलदार नरसापुर मेदक जिला, तहलीदार तूप्रान मेदक जिला, तहसीलदार मुलुगु सिद्दिपेट जिले में सेवाएं दी।
केवल सरकारी नौकरी ही नहीं बल्कि नरसिम्हा रेड्डी एक अच्छे साहित्यकार, कवि, आलोचक और अनुवादक भी है। अब तक उनकी 16 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और 22 पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं। इतनी व्यस्तता के बावजूद अब भी उनका लेखन कार्य जारी है। ऐसे महान और कर्मठ साहित्यकार ने लेखक और पत्रकार के राजन्ना की तेलुगु पुस्तक ‘उरीकंबम नीडलो’ के लोकार्पण के दौरान अतिथि के रूप में भाग लिया और अमूल्य संदेश दिया है। ऐसे लोकप्रिय अधिकारी और साहित्यकार डॉ येनुगु नरसिम्हा रेड्डी को तेलंगाना सांस्कृतिक विभाग के निदेशक पर नियुक्त किये जाने पर बधाई देते हैं। विश्वास व्यक्त करते हैं कि उनकी सेवा से तेलंगाना सांस्कृतिक विभाग का नाम रोशन होगा।
