हैदराबाद: आर्य समाज मंदिर, महर्षि दयानंद मार्ग, सुल्तान बाजार में हर साल की तरह इस साल भी श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह, यजुर्वेद पारायण महायज्ञ एवं आर्य समाज का स्थापना दिवस/वार्षिकोत्सव समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। 2 अगस्त से चल रहे इन कार्यक्रमों में हैदराबाद एवं आसपास के धर्म प्रेमी, आर्य प्रेमी एवं राष्ट्र प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और लाभ प्राप्त किया।
इस बार 133वां वार्षिकोत्सव समारोह पंडित प्रियदत्त शास्त्री जी के अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर समाज के वयोवृद्ध सदस्य अरुण कुमार लाठकर का स्वागत सम्मान किया गया। यजुर्वेद पारायण यज्ञ में यजमान बन लाठकर प्रतिदिन सुबह-शाम यज्ञ में स्वाहा – स्वाहा वेद मत्रों से आहुति प्रदान करते रहे और सुबह शाम वेदोपदेश और भजनों का लाभ उठाया।

आपको बता दें कि इनकाह परिवार युवा क्रांतिकारी रहे है। स्वतंत्रता सेनानी दिगंबरराव लाठकर जी का, जिनका नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। निजाम के अत्याचारों का विरोध कर देश धर्म को बचाने में “आर्यन डिफेंस लीग” के अधीन तीसरा जत्था हैदराबाद आर्य सत्याग्रह का नांदेड़ से अधिनायक बन जत्थे के साथ विरोध प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी थी। ऐसे ही आर्य समाज के दीवाने रहे परिवार के तीनों भाई, रामचंद्र राजू के दिशा निर्देशन में प्रातः शाम, आने वाले अतिथियों का स्वागत सत्कार, भोजन, प्रसाद, यज्ञ संचालन में तन, मन, धन से योगदान कर रहे थे।
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यज्ञ की ब्रह्मा माता निर्मला द्वारा अपने प्रवचन में संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र धर्म के लिए अच्छा कार्य करने वाले वालों का साथ देना चाहिए। वेद पाठ कर रही डॉ. मैत्रेयी शास्त्री जी ने उपदेश दिया कि हमारे घरों में वेद होनी चाहिए। हरिद्वार वानप्रस्थ आश्रम से पधारे आर्य जगत के प्रसिद्ध वैदिक विद्वान शैलेश मुनि सत्यार्थी ने प्रवचनों द्वारा सन्देश दिया कि हमने ऋषि दयानन्द जी को वचन दिया था वेद पताका झुकने नहीं देंगे और यज्ञ हवन की अग्नि घरों से बुझने नहीं देंगे। प्रातः और सायं दोनों समय आचार्य जी के वेदोपदेश बड़े ही सारगर्भित हुआ करते रहे। श्रोताओं को लगातार सकारात्मक सोंच में आचार्य जी ने अलग ही अंदाज से सभी को मोहित किया।

आर्य जगत के प्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित सुमित्र अंगिरस जी, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के मनोहर भजन सुबह शाम सप्ताह भर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वार्षिकोत्सव के अवसर पर कुछ विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने डॉ. विजयवीर विद्यालंकर आदि ने अपनी उपस्थिति रख श्रोताओं को आशीर्वाद दिया। के. शिव कुमार, परम गौ भक्त/गौ सेवक ने भी श्रोताओं को गौ माता पर अपना संदेश दिया। शांति पाठ के साथ सप्ताह तक चला श्रावणी वेद प्रचार कार्यक्रम संपन्न हुआ।
